‘भारत विरोधी मानसिकता के साथ पैदा हुए राहुल गांधी’, योगी के मंत्री अनिल राजभर का लोकसभा नेता प्रतिपक्ष पर करारा हमला
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा कि वे भारत विरोधी मानसिकता के साथ पैदा हुए हैं।
आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने राहुल गांधी पर विदेश में भारत की छवि खराब करने और भारत विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया।
राहुल पर तीखा हमला: राजभर ने कहा, “हम सभी दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के नागरिक होने पर गर्व करते हैं। लेकिन राहुल गांधी की गुमराह मानसिकता का हम क्या करें? वे जहां भी जाते हैं, चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं, सरकार की आलोचना करते हैं और सशस्त्र बलों को निशाना बनाते हैं। राहुल गांधी भारत विरोधी मानसिकता के साथ पैदा हुए हैं। वे कभी नेता नहीं बन सकते, क्योंकि उन्हें भारत भूमि से कोई लेना-देना नहीं है।” उन्होंने दावा किया कि देश की जनता बार-बार राहुल गांधी को उनकी गलतियों की सजा दे रही है और बिहार की जनता भी उन्हें सबक सिखाएगी।
कानून व्यवस्था पर बोले मंत्री: बरेली में हाई अलर्ट की स्थिति पर राजभर ने कहा, “पूरे प्रदेश में प्रशासन सजग है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, यह हमारी जिम्मेदारी है। दंगा करने वालों ने यदि कानून को अपने हाथ में लिया, तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। सतर्कता बरतना सरकार का काम है।”
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश में दलितों पर अत्याचार के दावे पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा, “सभी जानते हैं कि सपा की सरकार में दलितों पर अत्याचार हुए, जो किसी से छिपे नहीं हैं। अखिलेश एनसीआरबी (NCRB) के आंकड़ों की बात करते हैं, लेकिन उनकी सरकार में तो लोगों की एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी। हमारी सरकार में पीड़ितों की शिकायत दर्ज की जाती है, जांच होती है और फिर कार्रवाई होती है।” उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज है, जिसकी दुनिया भर में प्रशंसा हो रही है, निवेशक आ रहे हैं और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
ओवैसी पर भी निशाना: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के संभल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर दिए बयान पर राजभर ने कहा, “ओवैसी को संभल में जनता द्वारा अतिक्रमण हटाने की पहल से परेशानी है। शासन के साथ जनता ने मिलकर यह कदम उठाया, लेकिन उन्हें शांति से परेशानी है।” उन्होंने ओवैसी पर शांति भंग करने वाले बयान देने का आरोप लगाया।