प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी में 10 की मौत! मुजफ्फराबाद में तनाव के बीच पाक PM ने दिए पारदर्शी जाँच के आदेश
पाकिस्तान के एक उच्च-स्तरीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने पाक कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में एक नागरिक समाज गठबंधन के साथ लंबी बातचीत की। डॉन (Dawn) से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक गुरुवार देर रात तक चली और शुक्रवार सुबह फिर से शुरू होने की उम्मीद थी। PoJK कश्मीर में बीते दिन गुरुवार को घातक अशांति के बाद यह वार्ता फिर से शुरू हुई।
समाचार एजेंसी एएनआई ने डॉन के हवाले से बताया है कि प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना के हाथों कई दिनों तक हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 10 लोग मारे गए और कई गंभीर रूप से घायल हो गए।
उच्च-स्तरीय समिति गठित: डॉन के मुताबिक, पाक पीएम शहबाज शरीफ ने आठ सदस्यीय समिति PoJK भेजी है, जिसमें संघीय मंत्री एहसान इकबाल, राणा सनाउल्लाह और पीपीपी (PPP) नेता राजा परवेज अशरफ सहित अन्य नेता शामिल हैं। उनके साथ PoJK के प्रधानमंत्री चौधरी अनवारुल हक भी थे। पाक प्रधानमंत्री कार्यालय ने समिति को तुरंत मुजफ्फराबाद जाने का निर्देश दिया था। प्रधानमंत्री ने PoJK में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं’ पर पारदर्शी जाँच के आदेश दिए।
चार दिन का कम्युनिकेशन ब्लैकआउट: मुख्य सचिव कार्यालय के समिति कक्ष में दोपहर में वार्ता शुरू हुई। जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC), जो क्षेत्र में अधिकार आंदोलन का नेतृत्व कर रही है, ने इसमें अपना प्रतिनिधित्व किया। सोमवार से लागू संचार ब्लैकआउट के तहत, गुरुवार को पूरे क्षेत्र में लगातार चौथे दिन पूर्ण बंद और चक्का जाम हड़ताल रही। हालांकि, हिंसा की कोई नई घटना सामने नहीं आई।
इससे पहले, मुज़फ़्फ़राबाद में पुलिस गोलीबारी में मारे गए दो लोगों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग खुर्शीद फुटबॉल स्टेडियम और पीओजेके के लाला चौक पर इकट्ठा हुए थे। शोकसभा को संबोधित करते हुए, JKJAAC के नेता शौकत नवाज मीर ने भीड़ को नवीनतम घटनाक्रम से अवगत कराया और संकल्प लिया कि प्रमुख माँगें स्वीकार होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
JKJAAC की प्रमुख मांगें: डॉन के अनुसार, JKJAAC की प्रमुख मांगों में 12 शरणार्थी सीटों को समाप्त करना, अभिजात वर्ग के विशेषाधिकारों को वापस लेना, बिजली परियोजनाओं पर समझौतों के संबंध में जून 2019 के उच्च न्यायालय के फैसले को लागू करना और स्वास्थ्य कार्ड का प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन मुद्दों पर चर्चा करने से पहले, गठबंधन मुज़फ़्फ़राबाद, धीरकोट और PoJK के अन्य इलाकों में “निहत्थे प्रदर्शनकारियों” की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सज़ा की मांग करेगा।