जंगल में शोर मचाया तो खैर नहीं’! NSG कमांडो से ड्रग किंगपिन बनने तक की बजरंग सिंह की हैरान करने वाली कहानी

मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित कान्हा नेशनल पार्क का नया सीजन शुरू हो चुका है। तीन महीने बंद रहने के बाद 1 अक्टूबर से देश-विदेश के सैलानी नेशनल पार्क की सैर के लिए आने लगे हैं, जहां वे जंगल के राजा बाघ और कान्हा का गहना कहे जाने वाले बारहसिंगा के दीदार करते हैं। हालांकि, जंगल सफारी का आनंद लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। तय नियमों का उल्लंघन करने पर आपके पार्क में आने पर प्रतिबंध लग सकता है, यहां तक कि आपको जेल भी जाना पड़ सकता है।

गाइड ने बताए सफारी के सख्त नियम: कान्हा नेशनल पार्क में 14 साल से टूरिस्ट गाइड के रूप में काम कर रही धंती मेरावी ने बताया कि किसी भी नेशनल पार्क में सफारी के लिए जाते समय कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना पड़ता है, जिनका पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • जानवरों को छूना या परेशान करना: जानवरों को छूना या किसी भी तरह से परेशान करना आपको भारी पड़ सकता है। इससे जानवर डर जाते हैं या चौंक जाते हैं, और वे अन्य लोगों पर हमला कर सकते हैं। गलती करने पर आपको कानूनी कार्रवाई के तहत जेल भी जाना पड़ सकता है।
  • खाना देना सख्त मना: उन्होंने बताया कि जानवरों को खाना नहीं देना चाहिए। इससे उनकी प्राकृतिक आदतें बदल सकती हैं और जब भी टूरिस्ट सफारी देखेंगे, तो वे उन पर झपट्टा भी मार सकते हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। खाना खिलाते पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी।
  • उज्जले कपड़े से बचें: चमकीले कपड़े पहनने से भी बचना चाहिए, क्योंकि चमकीले कपड़े देख वन्यजीव भड़क सकते हैं।
  • गाइड के निर्देश मानें: उन्होंने कहा कि आपको टूरिस्ट गाइड के निर्देशों का पालन करना चाहिए, शोर नहीं मचाना चाहिए, सफारी गाड़ी से उतरना नहीं चाहिए और कूड़ा-करकट नहीं फैलाना चाहिए। इन सलाहों पर ध्यान देने से आप सुरक्षित और आनंददायक सफारी का अनुभव कर सकेंगे।

नियम तोड़ने पर झेलना होगा प्रतिबंध: उन्होंने आगे कहा कि अगर आप बुनियादी नियम तोड़ते हैं, तो नेशनल पार्क में आपकी एंट्री पर तय समय के लिए या फिर आजीवन बैन लग सकता है। वहीं, कुछ गंभीर मामलों में आपको जेल भी जाना पड़ सकता है। ऐसे में नेशनल पार्क में जाते समय टूरिस्ट गाइड के निर्देशों का पालन जरूर करें।

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