कला और संस्कृति का अद्भुत संगम, RIFF 2025 का तीसरा दिन, मेहरानगढ़ बना वैश्विक धुनों का मंच
RIFF 2025 का तीसरा दिन कला, संगीत और संस्कृति के एक अविस्मरणीय मेल का गवाह बना। जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ दुर्ग और इसके आसपास का क्षेत्र लोक और विदेशी संगीत की मनमोहक जुगलबंदी से गूंज उठा। यह महोत्सव न केवल राजस्थानी कला को वैश्विक मंच दे रहा है, बल्कि भारतीय विरासत को विश्व संगीत के साथ जोड़ रहा है।
तीसरे दिन की शुरुआत जसवंत थड़ा पर भूटान के प्रसिद्ध गायक सोनम दोरजी की मधुर प्रस्तुति से हुई। सुबह की धूप में भूटान के वीणा, बांसुरी और सितारों की तान ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सोनम दोरजी ने स्थानीय कलाकारों—शोबित सिंह, पिनाकी चक्रवर्ती और गंगाराम के साथ मिलकर आधुनिक वाद्य यंत्रों के संग संगीत का एक जादुई मिश्रण प्रस्तुत किया।
मेहरानगढ़ दुर्ग में देर रात तक सांस्कृतिक धमाल:
सांस्कृतिक गतिविधियों का सिलसिला सुबह से लेकर देर रात तक जारी रहा:
- डांस बूट कैंप: चोकेलाव महल में आयोजित कार्यक्रम में युवा कथक नृत्यांगना तारिणी त्रिपाठी ने अपनी प्रस्तुति से समा बांधा। इसके साथ ही भूटानी संगीतकारों ने भी लोक संगीत का प्रदर्शन किया।
- लोक और विदेशी संगीत का मिलन: शाम को मेहरानगढ़ दुर्ग में लोक और विदेशी संगीत की धूम रही।
- चोकेलाव बाग में राजस्थानी लोक कलाकार बरकत खान, लक्खा खान और सवाई खान मांगणियार ने अपने पारंपरिक लोक संगीत से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
- इंडी रूट्स में ल्यूक वॉलेस ने चोकेलाव महल में लोकगीतों की प्रस्तुति दी।
- जनाना कोर्टयार्ड में ‘स्ट्रिंग्स एंड बिट्स’ कार्यक्रम में कमायचा वादक घेवर खान, फिरोज खान और दरे खान ने ढोलक और कमायचा पर बेहतरीन जुगलबंदी की।
- वन वूमन कैरोलिना चिचा एण्ड कंपनी की ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुति ने भी दर्शकों को अफ्रो-कोलंबियाई धुनों पर झूमने पर मजबूर कर दिया।
- विदेशी कलाकारों—सेक्सोनटॉस्ट, फैडो सोल हेल्डर माऊटिन्हो और रिकॉर्डो पारेईरा ने ‘कारानिटिक जैज रॉक जटायू’ में देशी कलाकारों के साथ मिलकर फ्यूजन संगीत पेश किया।
रविवार का रोमांच:
RIFF 2025 का रोमांच रविवार को भी जारी रहेगा। सुबह 5:30 बजे जसवंत थड़ा पर कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के कलाकारों की प्रभात प्रस्तुति होगी। इसके अलावा, डांस बूट कैंप, मून राइज़ कार्यक्रम और देर रात्रि ‘रिफ़ रसल’ कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।