बागलामुखी दर्शन के बाद ‘गुपचुप’ मुलाकात, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी से मिले BJP नेता, कानड़ नगर की राजनीति में मची हलचल
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के आगर जिले के कानड़ में मां बगलामुखी दर्शन के बाद इंदौर लौटते समय एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। नगर की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई, जब एक स्थानीय भाजपा नेता ने कानड़ के बाहर इकलेरा जोड़ से ग्राम खांकरी तक कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की गाड़ी में बैठकर उनसे चर्चा की। इस ‘गुप्त मुलाकात’ को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
क्या नगर परिषद में होगा ‘उलटफेर’?
जानकारों के अनुसार, यह मुलाकात कानड़ नगर परिषद में संभावित बड़े राजनीतिक उलटफेर की ओर इशारा करती है। नगर परिषद में वर्तमान में भाजपा के 7 पार्षद, कांग्रेस के 6 पार्षद, और 2 निर्दलीय कांग्रेस समर्थक पार्षद हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कांग्रेस के समर्थन से ही यहाँ भाजपा की नगर परिषद बनी है।
बताया गया है कि भाजपा के 5 पार्षदों ने परिषद में चल रही अनियमितताओं की कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में, ये असंतुष्ट भाजपा पार्षद अब कांग्रेस पार्षदों के साथ मिलकर परिषद की सत्ता में बदलाव लाने का मन बना रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी संभावित दल-बदल और सत्ता परिवर्तन की रणनीति पर चर्चा के लिए भाजपा नेता ने प्रदेशाध्यक्ष पटवारी से मुलाकात की।
पार्षदों की खुली मंशा:
तीन सालों से बार-बार शिकायत कर चुके पार्षद इस मुलाकात के बाद अचानक सक्रिय हो गए हैं। दबी जुबान से पार्षदों ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा, “अगर नगर में भाजपा की सरकार को हटाकर कांग्रेस की परिषद बन जाती है, तो कम से कम वार्डों में विकास के काम तो शुरू होंगे।” भाजपा पार्षदों की यह सक्रियता साफ संकेत देती है कि नगर परिषद की सत्ता अब खतरे में है, और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की यह वापसी भेंट जल्द ही बड़े राजनीतिक परिणाम दे सकती है।