‘जब तक न्यायिक जांच नहीं, मैं जेल में रहूंगा’, लद्दाख हिंसा के बाद हिरासत से सोनम वांगचुक का बड़ा संदेश
हाल ही में हुई हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जेल से एक संदेश भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक हिंसा के दौरान हुई ४ मौतों की स्वतंत्र न्यायिक जांच नहीं हो जाती, तब तक वे जेल में ही रहेंगे।
लद्दाख और देश के लोगों को भेजे अपने संदेश में उन्होंने शुभचिंतकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह स्वस्थ हैं। वांगचुक ने यह संदेश अपने भाई और वकील के माध्यम से भेजा है।
‘मैं लद्दाख के लोगों के साथ खड़ा हूं’ वांगचुक ने कहा, “हमारे ४ लोगों की हत्या की स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होता, मैं जेल में रहने के लिए तैयार हूं। मैं छठी अनुसूची (Sixth Schedule) और राज्य के दर्जे की हमारी वास्तविक संवैधानिक मांग में एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) और लद्दाख के लोगों के साथ दृढ़ता से खड़ा हूं। लद्दाख के हित में एपेक्स बॉडी जो भी कदम उठाती है, मैं पूरे दिल से उनके साथ हूं।”
मृतकों के प्रति संवेदना और शांति की अपील उन्होंने कहा, “मैं शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से ठीक हूं और सभी की चिंता और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं उन लोगों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपनी जान गंवाई। मेरी प्रार्थनाएं घायलों और गिरफ्तार किए गए लोगों के साथ है।”
उन्होंने लद्दाखवासियों से शांति और एकता बनाए रखने और अहिंसा के सच्चे गांधीवादी तरीके को अपनाते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपना संघर्ष जारी रखने का आग्रह किया है।
वांगचुक पर NSA, कल SC में सुनवाई लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर २४ सितंबर को लेह में छात्रों और स्थानीय लोगों द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें ४ लोग मारे गए थे। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय और सीआरपीएफ़ (CRPF) वाहन में भी आग लगा दी थी। इसके बाद वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया था और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया है। वह जोधपुर जेल में बंद हैं।
वहीं, वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए उनकी पत्नी गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस याचिका में केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को भी पक्षकार बनाया गया है। इस याचिका पर कल, ६ अक्टूबर को सुनवाई होगी।