डूब जाएगा डोआर्स? भूटान के ताला डैम में आया ‘तकनीकी संकट, ‘ममता बनर्जी आज करेंगी आपदाग्रस्त इलाकों का दौरा!

दार्जिलिंग और मिरिक की पहाड़ियों में विनाशकारी बारिश और भूस्खलन ने कम से कम 28 लोगों की जान ले ली है। उत्तर बंगाल में अचानक 12 घंटों में 300 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश होने के कारण यह भीषण आपदा आई, जिससे कई घर बह गए, सड़क संपर्क टूट गया और कई गांव अलग-थलग पड़ गए।

इस बीच, उत्तर बंगाल के दोआर्स क्षेत्र पर बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा भूटान के ताला हाइड्रोपावर बांध से पैदा हुआ है। भूटान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बांध के गेटों में तकनीकी खराबी आने के कारण पानी ओवरफ्लो हो रहा है। ताला बांध का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने बताया कि गेट नहीं खुल पाने के कारण नदी का पानी बांध की संरचना के ऊपर से बह रहा है। भूटान ने पश्चिम बंगाल सरकार को निचले इलाकों में संभावित प्रभाव के लिए आधिकारिक तौर पर हाई अलर्ट जारी किया है।

मुख्यमंत्री का दौरा और निर्देश: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को इमरजेंसी बैठक की और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संकोश नदी में भी भूटान और सिक्किम से पानी का अत्यधिक प्रवाह हुआ है, जिससे आपदा की स्थिति बनी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता भेजने का निर्देश दिया है और वह स्वयं आज आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगी।

गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए टाइगर हिल, रॉक गार्डन और बटासिया लूप जैसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। दार्जिलिंग और घुम के बीच टॉय ट्रेन सेवाएं भी निलंबित हैं। हजारों लोग बिजली कटौती और बाधित संचार के बीच फंसे हुए हैं, जिससे यह कभी पर्यटकों से गुलजार रहने वाला शहर अब खामोशी और अनिश्चितता में लिपटा हुआ है।

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