“रस्सी से बांधकर उल्टा लटकाया, पानी डाल-डालकर दम घोंटा, ‘चोरी कबूल कराने के लिए 3 घंटे की यातना, चाचा का सनसनीखेज आरोप!

गुना में पुलिस हिरासत में 25 वर्षीय देवा पारदी की मौत के मामले में फरार चल रहे तत्कालीन थाना प्रभारी (टीआई) संजीत मावई को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने उन्हें स्थानीय गुना पुलिस की मदद से गुना-बदरवास रोड से पकड़ा। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मावई ने शिवपुरी के बदरवास पुलिस थाने में सरेंडर किया है।

कुछ दिन पहले इसी मामले में सीबीआई ने ऊमरी पुलिस चौकी प्रभारी उत्तम सिंह कुशवाह को भी गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को हाल ही में हुई सुनवाई में 8 अक्टूबर तक संजीत मावई को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह गिरफ्तारी हुई है।

क्या है मामला? 15 जुलाई 2024 को बीलाखेड़ी निवासी देवा पारदी की शादी होनी थी। 14 जुलाई की शाम करीब 4:30 बजे पुलिस गांव पहुंची और जिस ट्रैक्टर पर बारात जानी थी, उसी पर देवा और उनके चाचा गंगाराम पारदी को बैठाकर ले गई। अगले दिन परिवार को पता चला कि देवा की मौत पुलिस कस्टडी में हो गई है।

चाचा गंगाराम पारदी का आरोप है कि चोरी की घटना कबूल करवाने के लिए म्याना थाने में उनके सामने ही देवा को अमानवीय यातनाएं दी गईं। उन्होंने बताया कि देवा को रस्सियों से बांधकर पीटा गया, छत से उल्टा लटकाया गया और बार-बार पानी डालकर दम घोंटा गया। यह 3 घंटे तक चला और यातना सहन न कर पाने के कारण देवा ने पुलिसकर्मियों के सामने ही दम तोड़ दिया।

मजिस्ट्रियल जांच और FIR: मजिस्ट्रियल जांच में पाया गया कि देवा पारदी की मौत पुलिस कस्टडी के दौरान मारपीट और प्रताड़ना के कारण असामान्य परिस्थितियों में हुई। इस रिपोर्ट के आधार पर 5 सितंबर को म्याना थाने में ‘तीन फूल और अन्य 7-8 पुलिसकर्मी’ के नाम पर एफआईआर दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद, बदरवास थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि संजीत मावई ने उनके थाने में सरेंडर किया और बाद में सीबीआई उन्हें अपने साथ ले गई

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