अंबिकापुर ट्रांसपोर्ट नगर को मिली हरी झंडी, ’18 साल पुराना भूमि विवाद सुलझा, कलेक्टर ने 28 एकड़ जमीन नगर निगम को सौंपी!

अंबिकापुर में ट्रांसपोर्ट नगर (टीपी नगर) बसाने की उम्मीदें एक बार फिर से जग गई हैं। वर्ष 2007 से लंबित चल रहा भूमि आबंटन का बड़ा मसला अब सुलझ गया है। नगर निगम सरकार की विशेष पहल पर कलेक्टर ने नगर निगम को 28 एकड़ भूमि का आबंटन कर उसका एडवांस पजेशन सौंप दिया है।

एडवांस पजेशन मिलने के बाद नगर निगम ने टीपी नगर के विकास के लिए तुरंत ₹15 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। उम्मीद है कि जल्द ही राशि मिलेगी, जिसके बाद मूलभूत सुविधाएं विकसित कर ट्रांसपोर्टरों को जरूरत के अनुसार प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।

क्या थी अटकी हुई परियोजना? टीपी नगर को बसाने की कवायद 2007 से चल रही थी, जिस पर करोड़ों रुपए खर्च कर सड़कें, गुमटियां और विद्युतीकरण किया गया, लेकिन यह बस नहीं पाया। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि जिस 3 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य हुआ था, उसका भी आबंटन नगर निगम के नाम नहीं हुआ था। राजस्व विभाग ने 3 एकड़ के लिए ₹57 लाख का भू-भाटक मांगा था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण नगर निगम यह राशि जमा नहीं कर पा रहा था।

महापौर की पहल से मिली सफलता: जिला प्रशासन की अरुचि के कारण वर्षों तक मामला लटका रहा। सत्ता परिवर्तन के बाद महापौर मंजूषा भगत ने विशेष पहल की। उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर वर्ष 2004 में टीपी नगर योजना के तहत निकायों को ₹1 प्रति वर्ग फुट की दर पर जमीन उपलब्ध कराने की अनुमति का हवाला दिया और इसी दर पर जमीन आबंटित करने की मांग की।

कलेक्टर सरगुजा ने नगर निगम को कुल 28 एकड़ (18.20 एकड़, 7.10 एकड़ और पूर्व में निर्मित 3 एकड़) भूमि का अग्रिम आधिपत्य प्रदान कर दिया है।

नीलामी और विकास कार्य: महापौर मंजूषा भगत ने बताया कि अब नगर निगम टीपी नगर में चौड़ी सड़कें, नालियां, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, पुलिस सहायता केंद्र और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित करेगा। इसके बाद भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर नीलामी की जाएगी।

गैरेज संचालकों ने इस पहल पर राहत व्यक्त करते हुए कहा कि रिंग रोड के किनारे गाड़ी खड़ी करने में उन्हें चालान और जगह की कमी जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा, “वहां जो बना है वो हमारे काम का नहीं है, गैरेज के लिए बड़ी जगह चाहिए। जगह मिल जाएगा तो बढ़िया हो जाएगा।

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