लोकसभा चुनाव में हार और निजी विवादों के बीच पवन सिंह का रणनीतिक कदम, बिहार में भाजपा कैसे करेगी उनका इस्तेमाल?

भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह (Pawan Singh) ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। इससे पहले पवन सिंह ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं अमित शाह (Amit Shah) और जे.पी. नड्डा (J.P. Nadda) से मुलाकात की थी, जिससे उनके राजनीतिक वापसी और चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेजी से होने लगी थी। लेकिन अब पवन सिंह ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है।

पवन सिंह ने X पर एक पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। अपनी पोस्ट में अभिनेता ने अपने फैन्स को जानकारी देते हुए बताया कि वह जनता की सेवा जारी रखेंगे, लेकिन इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि “मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा।”

पवन सिंह ने अपने भोजपुरिया समाज को बताया कि “मैंने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वॉइन नहीं की थी और ना ही मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है, इसलिए वर्तमान में पार्टी और रणनीति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।” उन्होंने इस पोस्ट में बीजेपी के दिग्गज नेता अमित शाह के साथ वाली फोटो को भी साझा किया है।

पवन सिंह का कहना है कि “मेरा लक्ष्य जनता की आवाज बनना है न कि केवल नामांकन भर देना।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी से कोई दूरी नहीं है, बल्कि यह उनका व्यक्तिगत और रणनीतिक निर्णय है।

आपको बता दें, लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह ने पहले आसनसोल से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में उन्होंने काराकाट से संसदीय चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें हार मिली। पारिवारिक विवादों (पत्नी ज्योति सिंह द्वारा सार्वजनिक आरोप) ने भी उनकी छवि को प्रभावित किया है।

अब देखना बाकी है कि भाजपा बिहार चुनाव में पवन सिंह का कैसे इस्तेमाल करती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी उन्हें रणनीतिक मदद के साथ-साथ सक्रिय प्रचारक, वीआईपी चेहरा के तौर पर उपयोग कर सकती है।

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