सीतामढ़ी MDM घोटाला: फर्जी हाजिरी दिखाकर ४ प्रधान शिक्षकों ने किया २.०४ लाख का गबन, वेतन से वसूली का आदेश
बिहार के सीतामढ़ी जिले में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। चार प्रधान शिक्षकों ने बच्चों की फर्जी हाजिरी दिखाकर २.०४ लाख रुपए का गबन कर लिया।
जांच में जब यह मामला सामने आया तो जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम) मनीष कुमार सिंह (Manish Kumar Singh) ने सभी को एक सप्ताह के भीतर राशि लौटाने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पैसे समय पर वापस नहीं किए गए, तो राशि वेतन से वसूली जाएगी।
रुत्रीसैदपुर और बेलसंड के स्कूलों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
खबर के मुताबिक, रुत्रीसैदपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कुंडल पासवान टोला और कुंडल कन्या विद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ाकर फर्जी उपस्थिति दिखाई गई। इन दोनों विद्यालयों में एमडीएम राशि निकालने के लिए बच्चों की काल्पनिक हाजिरी बनाई गई। जब जांच में यह हेराफेरी पकड़ी गई तो दोनों प्रधान शिक्षकों पर ३६,१३७ रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया। साथ ही, राशि विभागीय खाते में जमा कराने का आदेश दिया गया है।
परसौनी और बेलसंड प्रखंड में भी लाखों का घोटाला
इसके अलावा परसौनी प्रखंड के माध्यमिक विद्यालय रमुनी के प्रधान शिक्षक पर ७८,४१३ रुपए की हेराफेरी का पता चला। जबकि बेलसंड के प्राथमिक विद्यालय सौली मठ के प्रधान शिक्षक पर ५४,२०५ रुपए की हेराफेरी का आरोप सिद्ध हुआ। दोनों को भी एक सप्ताह में पूरी राशि लौटाने का निर्देश दिया गया है। डीपीओ मनीष कुमार सिंह ने कहा कि मध्याह्न भोजन जैसी जनकल्याणकारी योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब होगी सख्त निगरानी, दोषियों पर गिरेगी गाज
इन घोटालों के सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड साधन सेवियों को निर्देश दिया है कि वे एमडीएम योजना की दैनिक निगरानी करें और किसी भी फर्जीवाड़े की सूचना तत्काल दें। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पहले भी सीतामढ़ी में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। अब सभी स्कूलों की एमडीएम राशि का विशेष ऑडिट (Special Audit) कराया जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि बच्चों के निवाले पर डाका डालने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।