‘ऑपरेशन सिंदूर’ के खौफ में शहबाज शरीफ! ट्रंप को नोबेल नामांकन देकर भारत-पाक संघर्ष विराम का श्रेय दिया

गाजा सिटी (मिस्र): पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है। मिस्र के रिसॉर्ट शहर में गाजा शांति बैठक के मंच पर ट्रंप की प्रशंसा करते हुए, पाक प्रधानमंत्री ने खुले तौर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का खौफ जाहिर किया।

शहबाज शरीफ ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप के अथक प्रयासों के बाद मध्य पूर्व में शांति स्थापित हुई है।” वह यहीं नहीं रुके, उन्होंने भारत-पाक संघर्ष विराम का श्रेय भी ट्रंप को दे दिया। पाक पीएम की इस टिप्पणी से अभिभूत ट्रंप ने कहा, “यह बहुत अच्छा था। मैंने इतनी तारीफ की उम्मीद नहीं की थी। मुझे उम्मीद है कि इसके बाद भारत और पाकिस्तान खूबसूरती से एक साथ रहेंगे।”

‘पता नहीं कौन जिंदा बचता!’—खौफ से कांपे शहबाज

चार दिन तक चले भारत-पाक सैन्य संघर्ष को याद करते हुए शहबाज शरीफ कांप उठे। उन्होंने ट्रंप की ओर इशारा करते हुए कहा, “अगर यह सज्जन (ट्रंप) नहीं होते… भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्तियाँ हैं… पता नहीं उस कहानी को बताने के लिए कौन जिंदा बचता!” उनके चेहरे पर उस सैन्य आतंक की छाप अभी भी स्पष्ट थी।

हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का एक वर्ग मान रहा है कि विश्व के बड़े नेताओं के सामने पाक प्रधानमंत्री का यह बयान पूरी तरह से एक कूटनीतिक चाल है—जिसका उद्देश्य ट्रंप के जरिए भारत पर दबाव बनाना है।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल के क्रूर आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत का बदला लेने के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। 7 मई को भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादियों के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया और सौ से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया। अगले दिनों में सैन्य तनाव चरम पर पहुँच गया। पाकिस्तान ने भारतीय हवाई अड्डों पर हमला करने की कोशिश की, जिसके जवाब में भारत ने जवाबी कार्रवाई में रावलपिंडी, कराची और लाहौर जैसे शहरों पर मिसाइलें गिराकर पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों को निष्क्रिय कर दिया था।

इस स्थिति में, 10 मई को पाकिस्तान ने खुद भारत के दरवाजे पर संघर्ष विराम की गुहार लगाई थी। भारत ने उस अपील को स्वीकार करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को निलंबित करने पर सहमति व्यक्त की थी। इसी भयानक स्मृति को शहबाज शरीफ ने गाजा के मंच पर एक तरह से पेश किया। अमेरिकी राष्ट्रपति के संचार सलाहकार मार्गो मार्टिन ने भी शहबाज शरीफ के इस बयान को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।

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