अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा AI हब भारत में, 5 सालों में 1.26 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी Google
नई दिल्ली: अमेरिकी टेक दिग्गज Google ने भारत में अपने सबसे बड़े निवेश की घोषणा की है। मंगलवार को कंपनी ने बताया कि वह अगले पाँच वर्षों में भारत में 15 बिलियन डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 1,26,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। इस भारी-भरकम निवेश के ज़रिए आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक विशाल डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब का निर्माण किया जाएगा। यह AI हब अमेरिका के बाहर Google का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा, जो वैश्विक प्रौद्योगिकी मानचित्र पर भारत की स्थिति को और मज़बूत करेगा।
सुंदर पिचाई की घोषणा: 1 गीगावाट डेटा सेंटर
Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब की स्थापना की योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस परियोजना को ‘युगान्तरकारी विकास’ बताया है।
पिचाई के अनुसार, Google विशाखापत्तनम में 1 गीगावाट डेटा सेंटर कैंपस बनाएगा। इस कैंपस में शामिल होंगे:
- AI इंफ्रास्ट्रक्चर: तेज़ी से बढ़ती AI सेवाओं की माँग को पूरा करने के लिए शक्तिशाली बुनियादी ढाँचा।
- बड़े पैमाने पर ऊर्जा स्रोत: गीगावाट-स्केल कंप्यूट क्षमता के लिए विशाल विद्युत बुनियादी ढाँचा।
- विस्तारित फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क: एक नए अंतर्राष्ट्रीय सब-सी गेटवे से जुड़ा विस्तारित फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क।
एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में, Google के सीईओ ने कहा कि यह परियोजना ‘भारत के उद्यमों और यूज़र्स तक हमारी उद्योग-अग्रणी तकनीक लाएगी, AI नवाचार में तेज़ी लाएगी और देश भर में प्रगति को बढ़ावा देगी।’
भारत के तकनीकी विकास को नई दिशा
Google की यह पहल भारत के तकनीकी विकास को एक नई दिशा देगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना न केवल नए रोज़गार के अवसर खोलेगी बल्कि देश में AI अनुसंधान, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा के क्षेत्रों को भी काफी मज़बूत करेगी। Google और भारत सरकार का यह संयुक्त प्रयास भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।