दलमा बन सकती है देश की ‘बेस्ट’ सेंचुरी! रास्ते में दिखते हैं हाथी-हिरण, क्यों यहां आते ही मिलती है मन को शांति?

झारखंड के जमशेदपुर से कुछ ही दूरी पर स्थित दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी न केवल वन्यजीव प्रेमियों, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण है। घने जंगल, ऊँचे पहाड़ और प्राकृतिक शांति से घिरा यह इलाका हर आगंतुक को सुकून से भर देता है। यहाँ की सबसे बड़ी खासियत प्रकृति और धर्म का सुंदर मेल है।

यहाँ की मिट्टी में है दिव्यता

सेंचुरी के ऊपरी हिस्से में भगवान बजरंगबली का मंदिर, धर्म माता का स्थल और एक प्राचीन शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र हैं। हर मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों की भीड़ उमड़ती है। मंदिर के पुजारी आनंदी जी बताते हैं कि यहाँ आने वाले भक्त न केवल मनोकामनाएँ माँगते हैं, बल्कि प्रकृति की गोद में समय बिताकर आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दलमा के इस पवित्र स्थल का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है और आज भी यहाँ की मिट्टी से एक दिव्यता का आभास होता है।

रास्ते में दिखता है प्रकृति का अनोखा नज़ारा

सेंचुरी के घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर चलते हुए पर्यटकों को मोर, बंदर, हाथी और हिरणों के झुंड अक्सर देखने को मिलते हैं, जो इस स्थान की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। इन जीवों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि दलमा अब भी प्राकृतिक संतुलन को बखूबी संभाले हुए है।

बनने की क्षमता है देश की सर्वश्रेष्ठ सेंचुरी

रांची से आए पर्यटक दिलीप और उनके परिवार ने बताया कि उन्होंने देश के कई पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया है, लेकिन दलमा जैसी धर्म और प्रकृति से जुड़ी खूबसूरती कहीं नहीं देखी। उनका कहना है कि अगर पर्यटन विभाग इस क्षेत्र पर और ध्यान दे, तो यह सेंचुरी न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रमुख आकर्षण स्थल बन सकती है।

प्रकृति, आस्था और रोमांच का यह अनोखा संगम दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी को वास्तव में खास बनाता है। यह वह जगह है जहाँ जंगल की हरियाली के बीच भगवान की उपस्थिति महसूस होती है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

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