2020 में हैट्रिक से चूकी थी JDU: नीतीश की पार्टी के गढ़ में मुकेश यादव ने कैसे दर्ज की थी जीत?

बिहार में विधानसभा चुनाव प्रचार तारीखों के ऐलान से बहुत पहले ही शुरू हो गया था। यात्राओं और रैलियों का दौर लगातार जारी है। अभी यहां पर पहले दौर की वोटिंग के लिए नामांकन भरने का दौर चल रहा है। बिहार में 2 चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं। सीतामढ़ी जिले में दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को चुनाव कराए जाएंगे। एनडीए और महागठबंधन के बीच ही कड़ा मुकाबला है, लेकिन प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम की मौजूदगी ने चुनाव को रोमांचक बना दिया है। सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी विधानसभा सीट पर भी कड़े संघर्ष के आसार हैं। यहां पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का कब्जा है।

चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर बिहार में जमकर सियासत हुई। राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाले महागठबंधन और सत्तारूढ़ एनडीए में भी सीटों को लेकर अंत तक तनातनी बनी रही। आज बुधवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी। बाजपट्टी सीट पर अभी उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया गया है क्योंकि यहां पर दूसरे चरण में वोटिंग कराई जानी है।

पिछले चुनाव में क्या रहा परिणाम?

2020 के विधानसभा चुनाव में बाजपट्टी विधानसभा सीट पर 20 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल ने मुकेश कुमार यादव को खड़ा किया तो एनडीए की ओर से डॉ. रंजू गीता को मैदान में उतारा। दोनों के बीच मुकाबला कड़ा रहा। हार-जीत का अंतर बेहद कम रहा, और महज 2,704 मतों के अंतर से मुकेश यादव को जीत मिली थी।

  • तब के चुनाव में इस सीट पर कुल 2,98,302 वोटर्स थे, जिसमें पुरुष वोटर्स की संख्या 1,58,452 थी और महिला वोटर्स की संख्या 1,39,850 थी।
  • इनमें से करीब 60 फीसदी यानी 1,76,336 वोटर्स ने वोट डाले थे।

2020 में जीत की हैट्रिक से चूक गई थी जेडीयू

बाजपट्टी विधानसभा सीट का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। परिसीमन की सिफारिश के बाद साल 2008 में यह सीट अस्तित्व में आई थी। फिर 2010 में यहां पर पहली बार विधानसभा के लिए चुनाव कराया गया।

  • 2010 में जनता दल यूनाइटेड की रंजू गीता को जीत हासिल हुई थी।
  • 2015 के चुनाव में भी रंजू ने अपने जीत के सिलसिले को बनाए रखा था। तब जेडीयू बीजेपी के साथ नहीं थी, बल्कि आरजेडी के साथ थी।
  • 2020 के चुनाव में जेडीयू एनडीए के साथ आ गई थी। पार्टी के टिकट पर रंजू गीता अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में उतरी थीं, लेकिन इस बार उन्हें नाकामी हाथ लगी। आरजेडी ने मुकेश कुमार यादव को यहां से खड़ा किया और कड़े संघर्ष के बाद वह जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

बाजपट्टी विधानसभा सीट सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र में पड़ती है। 2020 के चुनाव में एनडीए को 8 सीटों में से 6 पर जीत मिली थी। जबकि बाजपट्टी समेत 2 सीट ही महागठबंधन के खाते में आ पाई थी। अब देखना होगा कि इस बार के चुनाव में क्या जनता दल यूनाइटेड राष्ट्रीय जनता दल के हाथों अपनी पिछली हार का बदला ले पाती है या नहीं।

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