महाराष्ट्र में ‘वोट चोरी’ का सनसनीखेज आरोप! EC दफ्तर पहुंचे उद्धव-राज ठाकरे, मतदाता सूची में मिली ‘बड़ी गड़बड़ी’
महाराष्ट्र की राजनीति में ‘वोट चोरी’ को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, MNS चीफ राज ठाकरे, कांग्रेस और NCP (शरद पवार) के नेता आज बुधवार को लगातार दूसरे दिन महाराष्ट्र चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने पहुंचे। यह मुलाकात BMC चुनावों से ठीक पहले हो रही है।
मीटिंग के बाद, एनसीपी विधायक जयंत पाटिल ने खुलासा किया कि पुणे, नालासोपारा समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में एक ही व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में कई बार दर्ज है। उन्होंने यह भी बताया कि सूची में उन लोगों के नाम भी हैं, जो अब घर पर नहीं हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
राज ठाकरे ने दिखाए सबूत:
राज ठाकरे ने दो अलग-अलग लिस्ट दिखाते हुए दावा किया कि एक ही नाम दो सूचियों में है, लेकिन दोनों के वर्ष अलग-अलग (एक 23, दूसरा 117) हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से साफ मांग की है कि जब तक मतदाता सूची में सुधार नहीं होता, तब तक चुनाव न कराए जाएं। राज ठाकरे ने कहा कि आयोग को 1-2 दिन में जवाब देना होगा, जिसके बाद वे आगे की रणनीति तय करेंगे।
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाते हुए कहा, “हमारे ऊपर लोकशाही के नाम पर ‘दबाबशाही’ नहीं चलेगी। विधानसभा चुनाव में ‘वोट चोर’ हुआ था।” कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने भी दावा किया कि मतदाता सूची में सैकड़ों-हजारों गलतियां हैं, जिन्हें बार-बार अनुरोध करने के बावजूद ठीक नहीं किया गया। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सत्ताधारी दल स्थानीय निकाय चुनावों से पहले जानबूझकर निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची नहीं चाहता।