भारत के खिलाफ मुखर होने की ‘सजा’: बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले मोहम्मद यूनुस ने 2 मंत्रियों से मांगा इस्तीफा!
भारत के खिलाफ मुखर रहे बांग्लादेश के 2 मंत्रियों का अंतरिम सरकार से हटना तय हो गया है। अंतरिम सरकार के प्रमुख (मुख्य सलाहकार) मोहम्मद यूनुस ने इन दोनों मंत्रियों (जिन्हें सलाहकार कहा जाता है) से इस्तीफा देने के लिए कहा है। जिन मंत्रियों से इस्तीफा लिया जा रहा है, उनमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे महफूज आलम और युवा एवं खेल मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे आसिफ महमूद शामिल हैं।
बांग्लादेश में शेख हसीना के जाने के बाद अंतरिम सरकार का गठन हुआ था, जिसमें मंत्रियों के लिए ‘सलाहकार’ शब्द का इस्तेमाल किया गया।
इस्तीफे की वजह क्या?
बांग्लादेश के ‘प्रथम आलो’ अखबार के मुताबिक, कुछ सलाहकार चुनाव की घोषणा तक समय चाहते थे, लेकिन सरकार ने इन्हें पहले ही इस्तीफा देने के लिए कह दिया है। दोनों ही मंत्री छात्र आंदोलन कोटे से कैबिनेट में शामिल किए गए थे।
- महफूज आलम: इन्हें यूनुस का करीबी माना जाता है। छात्र आंदोलन से निकले महफूज अगस्त 2024 में यूनुस के सहायक बने और नवंबर 2024 में कैबिनेट में शामिल हुए। महफूज आलम भारत के खिलाफ मुखर रहे हैं।
- आसिफ महमूद: आसिफ भी छात्र आंदोलन की उपज हैं। वह गाहे-बगाहे भारत का विरोध करते रहते हैं। हाल ही में आसिफ ने दावा किया था कि बांग्लादेश सरकार ने भारत के साथ सभी परियोजनाएं रद्द कर दी हैं। इस दावे को खारिज करने के लिए यूनुस सरकार के विदेश मंत्री को सार्वजनिक रूप से सामने आना पड़ा था।
चुनाव से पहले ‘न्यूट्रल’ होने की कवायद:
बांग्लादेश में फरवरी 2026 में आम चुनाव प्रस्तावित है। चुनाव से पहले उन लोगों को हटाने की कवायद हो रही है, जो न्यूट्रल (तटस्थ) नहीं हैं। इसी कड़ी में आसिफ और महफूज पर गाज गिरी है। ये दोनों भारत के साथ-साथ वहां की स्थानीय पार्टियों के खिलाफ भी मुखर थे।
यूनुस की अंतरिम सरकार नहीं चाहती है कि चुनाव के दौरान उसकी किरकिरी हो या उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठे। आम चुनाव के जरिए बांग्लादेश में नई सरकार का गठन किया जाएगा।