चांदी का 75% रिटर्न हुआ फीका: RRP सेमीकंडक्टर सहित इन 25 मल्टीबैगर शेयरों ने दिया सबसे तेज मुनाफा
पिछले एक साल में चांदी ने 75 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है, जो अब तक का सबसे तेज रिटर्न है। यह प्रदर्शन शेयर बाजार की तरह दिखता है, क्योंकि चांदी ने सभी प्रमुख इंडेक्स को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, 25 ऐसे शेयर हैं जिनकी मार्केट वैल्यू ₹5000 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा है और इन्होंने चांदी को भी मात दे दी।
इनमें से सबसे आगे है RRP सेमीकंडक्टर, जिसने लगभग 13052 फीसदी का अविश्वसनीय रिटर्न दिया। यानी, अगर किसी निवेशक ने इसमें ₹10,000 लगाए होते, तो आज उसके पास ₹13.15 लाख रुपये होते।
17 मल्टीबैगर स्टॉक जिन्होंने चांदी को पछाड़ा:
इन 25 शेयरों में से 17 मल्टीबैगर (Multibagger) बन गए, जिन्होंने कई गुना रिटर्न दिया। इनके रिटर्न 4237 फीसदी से 104 फीसदी तक रहे। ये शेयर इस प्रकार हैं:
- Elitecon International (एलीटकॉन् इंटरनेशनल)
- CIAN Agro Industries (सियान एग्रो इंडस्ट्रीज)
- Blue Pearl Agriventures (ब्लू पर्ल एग्रीवेंचर्स)
- Indo Thai Securities (इंडो थाई सिक्योरिटीज)
- Cupid (क्यूपिड)
- Apollo Micro Systems (अपोलो माइक्रो सिस्टम्स)
- Axiscades Technologies (एक्सिसकैड्स टेक्नोलॉजीज)
- Gabriel India (गेब्रियल इंडिया)
- CarTrade Tech (कारट्रेड टेक)
- Shaily Engineering Plastics (शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स)
- Force Motors (फोर्स मोटर्स)
- ASM Technologies (एएसएम टेक्नोलॉजीज)
- Ashapura Minechem (आशापुरा माइनकेम)
- Lumax Auto Technologies (लुमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज)
- Le Travenues Technology (Ixigo) (ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (इक्सीगो))
- Banco Products (बैंको प्रोडक्ट्स)
- RRP Semiconductor (RRP सेमीकंडक्टर) – (सर्वाधिक 13052% रिटर्न)
बाकी शेयर, जिनमें Paradeep Phosphates, Syrma SGS Technology, Acutaas Chemicals, Avalon Technologies, JSW Holdings, Gallantt Ispat, Laurus Labs, Fortis Healthcare, KRN Heat Exchanger और One 97 Communications (Paytm) शामिल हैं, ने भी 95 फीसदी तक रिटर्न के साथ चांदी को पीछे छोड़ा।
सोने और चांदी की कीमतें बढ़ने के कारण:
पिछले दीवाली से अब तक सोने और चांदी की कीमतें बढ़ने के प्रमुख कारण:
- रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास युद्ध।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों से अनिश्चितता।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद। (सितंबर में फेडरल रिजर्व ने नौ महीने बाद पहली बार ब्याज दरें घटाई थीं)।
चांदी का भविष्य का आउटलुक (संवत 2082):
- चांदी की मांग इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पैनल जैसे उद्योगों में बढ़ रही है, जबकि इसकी आपूर्ति सीमित है।
- अगले दीवाली तक चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में $60-70 प्रति औंस और भारत में MCX पर ₹1,80,000 से ₹2,00,000 तक पहुंच सकती है।
- निवेशकों को सलाह है कि जोखिम कम करने और बेहतर रिटर्न के लिए सोने, चांदी और शेयरों में संतुलन बनाए रखें।