जिनपिंग का सबसे बड़ा दांव! भ्रष्टाचार विरोधी प्रमुख झांग शेंगमिन बने चीन के दूसरे सबसे पावरफुल सैन्य पद के उपाध्यक्ष

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के प्रमुख झांग शेंगमिन को केंद्रीय सैन्य आयोग (Central Military Commission – CMC) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। चीन में सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष का यह पद राष्ट्रपति या अध्यक्ष के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली पद माना जाता है।
‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी के चौथे अधिवेशन में झांग शेंगमिन के नाम पर मुहर लगाई गई। झांग से पहले इस पद पर हे वेइदोंग काबिज थे। वेइदोंग को एक वक्त में जिनपिंग का खास माना जाता था, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।
कौन हैं झांग शेंगमिन? फरवरी 1958 में शानक्सी में जन्मे झांग शेंगमिन 20 साल की उम्र में चीन की सेना से जुड़े। 2010 में भूकंप के एक राहत दल का नेतृत्व करने के बाद झांग की किस्मत पलट गई और इसके बाद उनका लगातार प्रमोशन होता रहा।
साल 2017 में झांग को केंद्रीय सैन्य आयोग के अनुशासन निरीक्षण आयोग का सचिव नियुक्त किया गया। इसी साल झांग को 19वीं केंद्रीय समिति का सदस्य भी चुना गया।
झांग को इसके बाद अनुशासन समिति का जिम्मा दिया गया। भ्रष्टाचार कमेटी के चेयरमैन रहते हुए झांग ने चीन आर्मी के 8 जनरल की नौकरी खत्म करवा दी। खास बात यह है कि चीन आर्मी के जिस उपाध्यक्ष (हे वेइदोंग) को हटाया गया, उनकी नौकरी भी झांग की रिपोर्ट की वजह से ही गई थी।
परमाणु से लेकर रॉकेट तक का अनुभव झांग शेंगमिन को परमाणु हथियार से लेकर रॉकेट तक के ऑपरेशन का अनुभव है। वे सेना में इन दोनों ही महत्वपूर्ण डिपार्टमेंट में काम कर चुके हैं। चीन में सैन्य आयोग के जो उपाध्यक्ष होते हैं, उन्हें ही सेना का पूरा ऑपरेशन देखना होता है, क्योंकि आयोग के अध्यक्ष स्वयं राष्ट्रपति होते हैं।
राष्ट्रपति के पास संगठन से लेकर सरकार तक की कई जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में सेना का पूरा ऑपरेशनल जिम्मा सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष को ही देखना होता है। सैन्य आयोग के जो उपाध्यक्ष होते हैं, वे चीन की सर्वोच्च नीतिगत इकाई पोलित ब्यूरो के भी मेंबर होते हैं।