रोहिणी में भीषण एनकाउंटर, बिहार के कुख्यात गैंगस्टर रंजन पाठक समेत ‘सिग्मा एंड कंपनी’ के 4 सदस्य ढेर, 5 कॉन्ट्रैक्ट किलिंग में थे शामिल

के रोहिणी इलाके में गुरुवार तड़के दिल्ली और बिहार पुलिस के संयुक्त अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी। बिहार के सबसे कुख्यात अपराधी रंजन पाठक के नेतृत्व वाले ‘सिग्मा एंड कंपनी’ गैंग के चार सदस्य पुलिस मुठभेड़ (Encounter) में मारे गए हैं। मारे गए अपराधियों की पहचान रंजन पाठक (25), विमलेश महतो उर्फ ​​विमलेश साहनी (25), मनीष पाठक (33) और अमन ठाकुर (21) के रूप में हुई है।

इन चारों पर बिहार में पांच कॉन्ट्रैक्ट किलिंग (Contract Killing) का आरोप था। यह गैंग सोशल मीडिया पर ‘मौत की सजा’ की घोषणा करके हत्या के वीडियो फैलाने के लिए कुख्यात था। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, इस घटना को अपराधियों के खिलाफ पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

सीतामढ़ी जिले के राधौर मलाही गाँव का रहने वाला रंजन पाठक, सिर्फ 25 साल की उम्र में बिहार के सबसे खतरनाक गैंग लीडरों में से एक बन गया था। उसके नेतृत्व में ‘सिग्मा एंड कंपनी’ पिछले छह सालों से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में जबरन वसूली, हथियार तस्करी और हत्याओं जैसे अपराधों में शामिल थी।

एनकाउंटर की घटना 22-23 अक्टूबर की आधी रात, लगभग 2:20 बजे हुई। पुलिस को इनपुट मिला था कि रंजन पाठक गैंग 13 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचा था और करावल नगर के शेरपुर इलाके के एक फ्लैट में छिपा हुआ था। बिहार पुलिस ने चार दिन पहले दिल्ली पुलिस को इस बारे में जानकारी दी थी। उपकरणों की निगरानी के बाद पुलिस ने पाया कि यह गैंग बिहार चुनाव से पहले एक बड़ा अपराध करने की योजना बना रहा था। बिहार पुलिस द्वारा 50 हजार रुपये के इनाम वाला रंजन पाठक अक्सर सोशल मीडिया पर पुलिस को चुनौती देता था।

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