सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग ‘कार्बाइड गन’ छीन रही है आंखों की रोशनी, PVC पाइप और धातु के टुकड़ों के जानलेवा विस्फोट में 30 से अधिक घायल

बीरभूम: सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों ‘कार्बाइड गन’ (Carbide Gun) या ‘एग्री-कैनन’ के वीडियो तेज़ी से ट्रेंड कर रहे हैं, लेकिन यह जानलेवा पटाखा अब गंभीर खतरा बन गया है। दीपावली (Diwali) से कुछ दिन पहले ही इस पटाखे को फोड़ने की कोशिश में पूरे बीरभूम (Birbhum) में बच्चों और युवाओं सहित 30 से अधिक लोग भयानक दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं, और 12 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी (Eyesight) चली गई है।
यह ‘कार्बाइड गन’ प्लास्टिक या टिन के पाइप या प्लास्टिक की बोतलों में कैल्शियम कार्बाइड, बारूद, माचिस की तीली का बारूद और धातु के कुछ टुकड़े मिलाकर तैयार किया जा रहा है। इसके बाद एक छोटे छेद में गैस लाइटर लगाकर विस्फोट किया जाता है।
कैसे बन रहा है मौत का फंदा: विशेषज्ञों ने बताया कि कार्बाइड गन का उपयोग मूल रूप से किसान खेतों से बंदरों और पक्षियों को भगाने के लिए करते हैं (PVC Monkey Repeller Gun)। कैल्शियम कार्बाइड में पानी मिलाने पर एसिटिलीन गैस बनती है, जिससे तीव्र विस्फोट होता है। इस विस्फोट से अत्यधिक गर्मी पैदा होती है, जहरीली गैसें निकलती हैं और पाइप टूटकर धातु के टुकड़े आंखों और चेहरे पर छिटकते हैं।
ऑनलाइन 500 से 1000 रुपये में बिकने वाली यह ‘गन’ खुले बाजार में सिर्फ 150-200 रुपये में बिक रही है। बीरभूम में घायल अधिकांश लोगों को ‘अल्कालाइन इंजरी’ हुई है, जिससे उनकी आंखों को स्थायी या हमेशा के लिए नुकसान हो सकता है। इस भयानक स्थिति को देखते हुए, विशेषज्ञों और प्रशासन ने अभिभावकों को अपने बच्चों को इन जानलेवा ‘कार्बाइड गन’ से दूर रखने के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है।