राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में बड़ा सरप्राइज! BSF की परेड में शामिल होंगे 40 देशी कुत्ते, विदेशी नस्लों को हराने वाली ‘रिया’ होगी मुख्य आकर्षण

राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में बड़ा सरप्राइज! BSF की परेड में शामिल होंगे 40 देशी कुत्ते, विदेशी नस्लों को हराने वाली ‘रिया’ होगी मुख्य आकर्षण

आगामी 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस परेड (National Unity Day Parade) में सीमा सुरक्षा बल (BSF) एक विशेष आकर्षण लेकर आ रहा है। स्वतंत्रता की विरासत और शक्ति के प्रतीक के रूप में, इस बार लगभग 40 भारतीय स्वदेशी नस्ल के कुत्ते इस परेड में हिस्सा लेंगे। इनमें रामपुर हाउंड (Rampur Hound) और मुधोल हाउंड (Mudhol Hound) जैसी दो विशेष भारतीय प्रजातियाँ शामिल हैं।

लंबे समय से सुरक्षा बलों में जर्मन शेफर्ड या लैब्राडोर जैसी विदेशी नस्लों का वर्चस्व रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में स्वदेशी नस्लों ने अपनी क्षमता साबित की है। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में देशी कुत्ते परेड में भाग ले रहे हैं।

स्वर्ण पदक विजेता मुधोल हाउंड ‘रिया’: इस बार की परेड का एक प्रमुख आकर्षण मुधोल हाउंड नस्ल की ‘रिया’ है। रिया ने हाल ही में 2024 ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में ट्रैकिंग श्रेणी में कई विदेशी कुत्तों को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता है। रिया के अलावा, एक और मुधोल हाउंड ‘लिली’ और अन्य स्वदेशी नस्लों के कुत्ते भी परेड में शामिल होंगे।

रणनीतिक महत्व: यह बदलाव रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि देशी नस्लें जैसे रामपुर हाउंड (जो गति और सतर्कता के लिए जाने जाते हैं) और मुधोल हाउंड (जो सूंघने की क्षमता और तेज गति के लिए प्रसिद्ध हैं) प्रशिक्षण में कम लागत वाले हैं, भारतीय वातावरण के अनुकूल हैं, और लंबे समय तक काम करने में सक्षम हैं।

BSF में स्वदेशी कुत्तों का यह समावेश केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्वदेशी नस्लों के प्रचार और संरक्षण की पहल की एक बड़ी सफलता है। इसे भारतीय आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है, जो साबित करता है कि देशी प्रजातियाँ विदेशी नस्लों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं।

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