इन राज्यों में अगले 5 दिन भारी बारिश! IMD का अलर्ट, तमिलनाडु से ओडिशा तक बिजली-तेज हवाओं का ख़तरा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने २५ अक्टूबर से २८ अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, केरल और माहे में गरज के साथ हल्की से मध्यम और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। अगले चार दिनों के दौरान इस पूरे क्षेत्र में बिजली चमकने के साथ तूफान की आशंका है।
IMD के बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में अधिकतम ५० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश का अलर्ट
देश के पूर्वी और मध्य भागों में भी मौसम बिगड़ने की आशंका है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है:
- ओडिशा: २६ से २९ अक्टूबर के दौरान भारी बारिश, २७ से २९ अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश की आशंका।
- गंगीय पश्चिम बंगाल: २८ से ३१ अक्टूबर के दौरान भारी बारिश।
- झारखंड: २९ अक्टूबर को भारी बारिश।
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: २५ अक्टूबर को भारी बारिश, बिजली चमकने और ५० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं।
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: २९ से ३१ अक्टूबर के दौरान भारी बारिश।
- पूर्वोत्तर राज्य: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में २९ से ३१ अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की उम्मीद है।
इसके अलावा, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक बिजली चमकने के साथ तूफान आने की संभावना है, जबकि कोंकण और गोवा में २५ अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में अगले पांच दिनों तक गरज के साथ तूफान जारी रहने की संभावना है।
किसानों के लिए कृषि मौसम सलाह (Agromet Advisory)
बारिश की आशंका को देखते हुए IMD ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
- फसल कटाई: आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों को सलाह दी गई है कि वे मूंगफली, मक्का, चावल, सोयाबीन जैसी फसलों की कटाई केवल मौसम साफ रहने पर ही करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भंडारित करें।
- जल निकासी: धान, मक्का, कपास, सब्जी और केले, नारियल के बागानों के खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें ताकि जल जमाव से बचा जा सके।
- बुवाई से बचें: भारी बारिश के दौरान आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रबी फसलों (मक्का, बंगाल चना) की बुवाई या धान का रोपण करने से बचें, जब तक कि मिट्टी की नमी अनुकूल स्तर पर न पहुँच जाए।