दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार! पुतिन ने किया परमाणु-संचालित क्रूज मिसाइल ‘ब्यूरेवेस्तनिक’ का सफल परीक्षण!

दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार! पुतिन ने किया परमाणु-संचालित क्रूज मिसाइल ‘ब्यूरेवेस्तनिक’ का सफल परीक्षण!

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को घोषणा की कि रूस ने अपनी नई परमाणु-संचालित क्रूज मिसाइल ब्यूरेवेस्तनिक (9M730 Burevestnik) का सफल परीक्षण कर लिया है। यह मिसाइल रूस की सबसे गुप्त और खतरनाक परियोजनाओं में से एक मानी जाती है, जिसे नाटो (NATO) SSC-X-9 Skyfall कहता है।

रूसी भाषा में ब्यूरेवेस्तनिक का मतलब ‘तूफान का पक्षी’ (Storm Petrel) होता है। यह जमीन से छोड़ी जाने वाली बहुत नीची उड़ान भरने वाली मिसाइल है, जो परमाणु हथियार ले जा सकती है और खुद भी परमाणु ऊर्जा से चलती है।

14,000 KM की दूरी और 15 घंटे तक रही हवा में

पुतिन ने पहली बार मार्च 2018 में इस मिसाइल का जिक्र किया था। उन्होंने दावा किया था कि इसकी ‘अनलिमिटेड रेंज’ है और यह अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकती है। रूस के सेना प्रमुख वैलेरी गेरासिमोव ने बताया कि 21 अक्टूबर को किए गए परीक्षण में मिसाइल ने 14,000 किलोमीटर (8,700 मील) की दूरी तय की और लगभग 15 घंटे तक हवा में रही। यह पूरी तरह से परमाणु ऊर्जा पर चलती रही और किसी भी मिसाइल रक्षा प्रणाली को भेदने में सक्षम है।

कैसे काम करती है ये ‘घातक’ मिसाइल?

इस मिसाइल में एक छोटा परमाणु रिएक्टर लगा है, जो हवा को अत्यधिक गर्म करके बाहर निकालता है, जिससे मिसाइल को गति मिलती है। यह इसे पारंपरिक ईंधन वाली मिसाइलों से कई गुना आगे और ज्यादा देर तक उड़ने की क्षमता देती है। अमेरिकी संगठन NTI के अनुसार, यह मिसाइल कई दिनों तक हवा में रह सकती है, कम ऊंचाई पर उड़ सकती है और अचानक किसी भी जगह हमला कर सकती है, जिससे इसकी दिशा और लक्ष्य का पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

विशेषज्ञों की राय

रूसी सैन्य विशेषज्ञ अलेक्सी लेओनकोव के अनुसार, ब्यूरेवेस्तनिक का इस्तेमाल मुख्य रूप से तब किया जाएगा जब रूस पहले ही अपनी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs) से हमला कर चुका होगा। यह मिसाइल दुश्मन के बचे हुए ठिकानों, कारखानों और बिजलीघरों को पूरी तरह नष्ट कर देगी। हालांकि, कुछ पश्चिमी विशेषज्ञों का मानना है कि यह सबसोनिक गति (आवाज से धीमी गति) से उड़ती है, इसलिए रडार इसे पकड़ सकते हैं।

गौरतलब है कि पुरानी टेस्टिंग के दौरान इस मिसाइल के कई परीक्षण असफल रहे थे, जिसमें 2019 में व्हाइट सी क्षेत्र में हुए एक विस्फोट भी शामिल है, जिसमें 5 रूसी परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई थी और रेडिएशन फैल गया था।

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