चुनाव आयोग एसआईआर करने में जल्दबाजी न करे, सीएम उमर अब्दुल्ला

चुनाव आयोग एसआईआर करने में जल्दबाजी न करे, सीएम उमर अब्दुल्ला

चुनाव आयोग ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण की घोषणा की है। इसे लेकर अब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एसआईआर पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग को देशभर में मतदाता सूची का एसआईआर करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव खत्म होने का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग की छवि को दांव पर लगा देगा।

बिहार चुनाव खत्म होने के बाद करें देशव्यापी SIR

सदन की कार्यवाही के दिनभर स्थगित होने के बाद सीएम उमर अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर को लेकर पहले से ही आशंकाएं हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस अभ्यास को करने वालों को इसका कोई लाभ होगा या नहीं। उन्होंने कहा, “बिहार में चुनाव पूरा होने दीजिए, फिर हम देखेंगे कि क्या इससे कोई फायदा हुआ। फिर हम इसे देश के बाकी हिस्सों में लागू करने के बारे में बात कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग को सलाह दी, “देशव्यापी एसआईआर में जल्दबाजी न करें, अन्यथा ऐसा लगेगा मानो ईसीआई ने अपनी स्वतंत्रता खो दी है और एक विशेष राजनीतिक दल के दबाव में काम कर रहा है। हमने इसे पहले भी देखा है।

SIR से ईसी की छवि को दांव पर लगेगी

अनुच्छेद ३७० को निरस्त करने और ५ अगस्त २०१९ को जम्मू-कश्मीर के विभाजन के बाद परिसीमन और अन्य मुद्दों पर ईसीआई पर पक्षपातपूर्ण होने का आरोप लगाते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एसआईआर ईसीआई की छवि को भी दांव पर लगा देगा।

सीएम अब्दुल्ला ने कहा, “जम्मू-कश्मीर में परिसीमन लोगों के फायदे के लिए नहीं बल्कि एक राजनीतिक दल के लिए किया गया था। जिस तरह से नई सीटों का बंटवारा किया गया और नई सीटें बनाई गईं, इससे सीधे तौर पर केवल एक राजनीतिक दल को फायदा हुआ। चुनाव आयोग को इस तरह की गलती नहीं करनी चाहिए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *