बंगाल में 2026 चुनाव से पहले SIR,28 अक्टूबर से शुरू हो रहा विशेष सर्वे! ‘वोटर लिस्ट से नाम कटा तो दिल्ली में होगा घेराव’—चुनाव आयोग को कुणाल घोष की सीधी चेतावनी।

2026 विधानसभा चुनावों से पहले, पश्चिम बंगाल में विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Review – SIR) प्रक्रिया शुरू हो रही है। यह विशेष प्रक्रिया 28 अक्टूबर से पश्चिम बंगाल सहित देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगी और 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। चुनाव आयोग की इस घोषणा के बाद राज्य की राजनीति में SIR का मुद्दा फिर गरमा गया है।
कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था, “बिहार में चुनाव आयोग ने जिस तरह से वोटर लिस्ट में SIR किया है, बंगाल में वैसा नहीं होगा।” अब SIR की तारीखों के ऐलान के बाद तृणमूल के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने सख्त चेतावनी दी है।
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुणाल घोष ने सीधे चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर राज्य के किसी भी वैध वोटर का नाम कटता है, तो दिल्ली में बड़ा अभियान चलाया जाएगा। एक लाख कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर का घेराव किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “अगर यह देखा गया कि लोगों को परेशान करने की कोशिश की जा रही है, तो कानून के तहत विरोध किया जाएगा।” तृणमूल सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूरे हालात पर नजर रख रही हैं और प्रशासन भी इसकी समीक्षा कर रहा है।
कुणाल घोष ने तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “बीजेपी SIR को लेकर भड़काऊ टिप्पणी कर सकती है। उत्तेजित होकर, गुस्से में आकर कोई भी किसी तरह के उकसावे में न फंसे।”
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि SIR का मुख्य उद्देश्य “हर योग्य नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और अयोग्य लोगों के नाम हटाना है।” जिन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरे चरण में यह सर्वे शुरू हो रहा है, वे हैं—अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।