‘अगर CAA थोपने की कोशिश की गई, तो मैं उनके पैर तोड़ दूंगा!’ SIR विवाद के बीच फिरहाद हकीम की चुनाव आयोग और BJP को कड़ी चेतावनी
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कोलकाता के मेयर और राज्य के मंत्री फिरहाद हकीम (Firhad Hakim) ने एक विस्फोटक बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी विशेष अंकगणितीय पुनर्गणना (SIR) प्रक्रिया को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम या CAA से जोड़कर बीजेपी एक साजिश रचने की कोशिश कर रही है।
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए फिरहाद हकीम ने बीजेपी और चुनाव आयोग को सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “अगर बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर CAA थोपने की कोशिश करते हैं, तो मैं उनके पैर तोड़ दूंगा।”
यह बैठक राजनीतिक दलों को मतदाता सूची पुनर्गणना प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित की गई थी। हालांकि, बैठक के दौरान ही विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने वोटर पहचान प्रक्रिया और नए सूची फॉर्म को लेकर CEO के सामने अपनी तीखी आपत्ति दर्ज कराई। तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हुए फिरहाद हकीम ने कहा, “यह एक प्रयास है ताकि असली मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया जाए, यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
उन्होंने स्पष्ट किया, “मैंने अपनी पार्टी की ओर से साफ कर दिया है कि अगर एक भी असली वोटर का नाम हटाया गया, तो हम SIR के खिलाफ जोरदार विरोध करेंगे। हम पश्चिम बंगाल के एक भी असली नागरिक का नाम मिटने नहीं देंगे।”
फिरहाद हकीम ने इस विवाद में उत्तर 24 परगना के पानीहाटी के 57 वर्षीय प्रदीप कर की आत्महत्या का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले SIR प्रक्रिया को “बैकडोर NRC” बताया था। उसी संदर्भ को दोहराते हुए, फिरहाद हकीम ने बीजेपी पर ‘डर फैलाने की राजनीति’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा, “जब तक ममता बनर्जी यहां हैं, बीजेपी में इस राज्य में NRC लागू करने की हिम्मत नहीं है।”