विश्व स्ट्रोक दिवस: स्ट्रोक अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रहा, इसे रोकने के लिए तुरंत क्या करें? जानिए बचाव के उपाय
स्ट्रोक एक अत्यंत गंभीर चिकित्सा आपातकाल है। यह तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों से वंचित होना पड़ता है। कुछ ही मिनटों में, प्रभावित कोशिकाएं मरना शुरू कर देती हैं, जिससे पक्षाघात, बोलने में समस्या और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।
डॉक्टर पहले स्ट्रोक को केवल बुजुर्गों की समस्या मानते थे, लेकिन अब यह तेजी से युवाओं को भी प्रभावित कर रहा है। इसका मुख्य कारण अस्वास्थ्यकर जीवनशैली, खराब खान-पान और अत्यधिक मानसिक तनाव है। अच्छी खबर यह है कि सही कदम उठाकर लगभग 80 प्रतिशत स्ट्रोक को रोका जा सकता है।
स्ट्रोक क्यों होता है? प्रकार और चेतावनी के संकेत:
मुख्य रूप से दो प्रकार के स्ट्रोक होते हैं:
- इस्केमिक स्ट्रोक (80-85%): यह तब होता है जब मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में थक्का जमने के कारण रक्त प्रवाह बाधित होता है।
- हेमोरेजिक स्ट्रोक: यह तब होता है जब एक कमजोर रक्त वाहिका फट जाती है, जिससे रक्तस्राव होता है।
क्षणिक इस्केमिक हमला (TIA), या ‘मिनी-स्ट्रोक’, भी एक बड़ी स्ट्रोक का प्रारंभिक संकेत हो सकता है, जिसके अस्थायी लक्षण 24 घंटों के भीतर गायब हो जाते हैं।
रोकथाम की सरल रणनीति (80% स्ट्रोक टाला जा सकता है):
स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए उन कारकों पर ध्यान दें जो हमारे नियंत्रण में हैं:
- रक्तचाप नियंत्रण: नियमित जांच कराएं और आवश्यकतानुसार दवा लें।
- संतुलित आहार: ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को प्राथमिकता दें। अधिक नमक, चीनी और बासी भोजन से बचें।
- नियमित व्यायाम: सप्ताह में पांच दिन कम से कम 30 मिनट तेज चलने का अभ्यास करें।
- बुरी आदतें छोड़ें: धूम्रपान और शराब का सेवन सीधे धमनियों को नुकसान पहुंचाता है, इन्हें सीमित करें।
- वजन और तनाव प्रबंधन: स्वस्थ वजन बनाए रखना और योग, ध्यान जैसी तकनीकों से तनाव कम करना उच्च रक्तचाप के खतरे को कम करता है।
आपातकाल के लिए F.A.S.T. याद रखें:
स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानना और तेजी से कार्रवाई करना जान बचा सकता है। F.A.S.T. फॉर्मूला याद रखें:
- F (Face – चेहरा): क्या चेहरे का एक हिस्सा लटक रहा है?
- A (Arm – बांह): क्या एक हाथ कमजोर या सुन्न महसूस हो रहा है?
- S (Speech – भाषण): क्या बोलने में कठिनाई हो रही है या आवाज लड़खड़ा रही है?
- T (Time – समय): तुरंत अस्पताल जाएँ।
उपचार और पुनर्वास:
स्ट्रोक का उपचार कितनी जल्दी चिकित्सा सुविधा मिलती है, उस पर निर्भर करता है। इस्केमिक स्ट्रोक के लिए, tPA जैसी क्लॉट-बस्टिंग दवाएं इस्तेमाल होती हैं। हेमोरेजिक स्ट्रोक में, रक्तस्राव को रोकने और मस्तिष्क के दबाव को कम करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। आपातकालीन उपचार के बाद, रोगी की सामान्य स्थिति में वापसी के लिए फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और भावनात्मक समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।