नारी शक्ति सर्वशक्ति! ७ महीने की गर्भवती दिल्ली पुलिस कांस्टेबल सोनिका यादव ने वेटलिफ्टिंग में १४५ किलो वजन उठाकर जीता कांस्य पदक
दिल्ली पुलिस कांस्टेबल सोनिका यादव ने यह साबित कर दिया कि गर्भावस्था से जीवन की गति थम नहीं जाती। ७ महीने की गर्भवती होने के बावजूद, उन्होंने आंध्र प्रदेश के अमरावती में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस वेटलिफ्टिंग क्लस्टर में १४५ किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता है। उनकी यह असाधारण उपलब्धि न केवल पुलिस बल के लिए, बल्कि सभी महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
२०१४ में दिल्ली पुलिस में शामिल हुईं सोनिका, वर्तमान में उत्तरी जिले की कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट में कार्यरत हैं, जहाँ वे लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देती हैं। ईटीवी भारत के साथ एक विशेष साक्षात्कार में सोनिका ने अपनी इस दुर्लभ जीत और फिटनेस रूटीन पर खुलकर बात की।
डॉक्टर की सलाह पर लिया जोखिम:
भारी वजन उठाना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, इस पर सोनिका ने कहा कि वह लंबे समय से वेटलिफ्टिंग कर रही हैं और उनका शरीर इसके लिए अभ्यस्त हो चुका है। उन्होंने डॉक्टरों की सलाह मानते हुए अपनी क्षमता (जो आमतौर पर १६५-१७० किलोग्राम है) से कम, यानी १४५ किलोग्राम वजन उठाया।
सोनिका यादव: “मेरे स्वास्थ्य के लिए यह खतरनाक हो सकता है, इसे लेकर परिवार चिंतित था। लेकिन, डॉक्टरों ने मुझे क्षमता से कम वजन उठाने की सलाह दी थी। मैंने उन्हीं की सलाह मानकर १४५ किलोग्राम वजन उठाया।”
सादे घरेलू भोजन पर भरोसा:
गर्भावस्था के दौरान किसी विशेष या महंगे डाइट का पालन न करते हुए, सोनिका सादे घरेलू भोजन में विश्वास रखती हैं। वह उच्च प्रोटीन युक्त भोजन जैसे अंडे, दाल, काले चने और घर का बना पौष्टिक खाना खाने पर ज़ोर देती हैं।
सोनिका यादव: “आजकल सोशल मीडिया पर नए और महंगे डाइट या सप्लीमेंट पर बहुत चर्चा होती है। लेकिन मैं पूरी तरह से घरेलू भोजन पर विश्वास करती हूँ। असल में, सही समय पर सही भोजन करना ज़रूरी है।”
परिवार का समर्थन और प्रेरणा:
सोनिका बताती हैं कि पुलिसिंग, मातृत्व और भारोत्तोलन—इन सब को संभालने का मुख्य आधार उनके परिवार का सहयोग है। उनके पति अंकुर, जो एक निजी नौकरी करते हैं, उन्हें पूरा समर्थन देते हैं।
सोनिका यादव: “मेरी सफलता के पीछे मेरे पति, परिवार और सहकर्मियों का समान योगदान है। उनके समर्थन और आत्मविश्वास ने मुझे हर चुनौती का सामना करने की शक्ति दी है।”
महिलाओं के लिए संदेश:
जो महिलाएँ खुद को कमज़ोर महसूस करती हैं, उनके लिए सोनिका का संदेश है—
सोनिका यादव: “हर महिला से यही कहूँगी कि नारीत्व की असली संपत्ति आपका शरीर है। अगर आपका शरीर स्वस्थ और मजबूत है, तो आप माँ, पत्नी या पेशेवर—हर भूमिका को बखूबी निभा सकती हैं। फिट रहना कोई शौक नहीं, यह हर महिला की ताकत है।“
भविष्य का लक्ष्य:
राष्ट्रीय स्तर पर लगभग एक दर्जन पदक जीत चुकी इस पुलिस कांस्टेबल का भविष्य का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारोत्तोलन में भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतना है।