पहला स्वदेशी यात्री विमान SJ-100! HAL के नेतृत्व में विमानन उद्योग में ‘आत्मनिर्भर भारत’

नई दिल्ली: किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और विकास के लिए हवाई परिवहन एक महत्वपूर्ण आधार होता है। इसी लक्ष्य को साधते हुए, भारत अब विमानन उद्योग में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है— देश में निर्मित होने वाला भारत का पहला यात्री विमान, जिसका नाम SJ-100 पैसेंजर एयरक्राफ्ट है।

कौन बना रहा है यह विमान?

  • पहल: भारत के पहले यात्री विमान के निर्माण की जिम्मेदारी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को सौंपी गई है।
  • साझेदारी: HAL इस विमान को बनाने के लिए रूस के यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) के साथ साझेदारी कर रहा है।
  • महत्व: यह पहला यात्री विमान होगा जो पूरी तरह से भारत में निर्मित होगा, जिससे देश की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

SJ-100 यात्री विमान की विशेषताएं

SJ-100 विमान आधुनिक तकनीक पर आधारित है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए आदर्श है।

विशेषताविवरण
संरचनाडबल इंजन और नैरो बॉडी वाला आधुनिक विमान।
यात्री क्षमतालगभग $103$ यात्रियों को ले जाने में सक्षम।
रेंजलगभग $3,530$ किलोमीटर।
परिचालन क्षमता$–55$ डिग्री से लगभग $45$ डिग्री सेल्सियस तापमान में उड़ान भरने में सक्षम।
आर्थिक लाभपरिचालन लागत (Operating Cost) बहुत कम, जिससे एयरलाइनों को काफी लाभ हो सकता है।

उद्देश्य और भविष्य की मांग:

यह विमान भारत सरकार की लोकप्रिय ‘उड़ान’ (UDAN) योजना के हिस्से के रूप में बनाया जा रहा है। 2016 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य देश के छोटे और मध्यम शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ना है। SJ-100 विमान भारत के टियर II और टियर III शहरों को जोड़ने में एक गेम-चेंजर भूमिका निभा सकता है।

HAL के अनुसार, भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अगले $10$ वर्षों में $200$ से अधिक नैरोबॉडी विमानों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में, विश्व स्तर पर $16$ से अधिक एयरलाइंस इस विमान की $200$ से अधिक इकाइयों का उपयोग कर रही हैं।

SJ-100 विमान का यह उत्पादन देश के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देगा और भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

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