मछली नहीं, सिर्फ ‘कांटा’ खाती है ये महिला! क्यों है मिथिला की सुरभि की डाइट सबसे अनोखी?
बंगाली लोगों की तरह, मिथिला के लोग भी मछली को बहुत पसंद करते हैं, और मांसाहारी व्यंजनों में इसका एक विशेष स्थान है। लेकिन सुरभि कुमारी की पसंद किसी को भी हैरान कर सकती है। सुरभि को मछली का मांस नहीं, बल्कि सिर्फ मछली का ‘कांटा’ (हड्डी) खाना पसंद है। यह अनूठी आदत पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
मिथिला की बेटी सुरभि बताती हैं, “मुझे बचपन से ही मछली की हड्डियां खाने की आदत है। मैं मछली से ज्यादा कांटा पसंद करती हूं। जब भी घर में मछली बनती है, मैं परिवार के सभी सदस्यों के खाने का इंतजार करती हूं। जब वे खाकर कांटे छोड़ देते हैं, तो मैं उन्हें खाती हूं।”
क्यों पसंद है मछली की हड्डियां?
सुरभि का कहना है कि मछली की हड्डियों में कई तरह के विटामिन और पोषक तत्व होते हैं। इनमें खास तौर पर कैल्शियम, फॉस्फोरस और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो हड्डियों के लिए अच्छे होते हैं। हंसते हुए वह कहती हैं, “मुझे ये स्वादिष्ट लगते हैं।” वास्तव में, मछली की हड्डियों में पाए जाने वाले खनिज हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
शुरुआत में सुरभि के परिवार के सदस्य हैरान थे, लेकिन अब उन्होंने बेटी की इस अनूठी पसंद को स्वीकार कर लिया है। उनकी मां कहती हैं, “हम सबने सोचा था कि यह अजीब है, लेकिन सुरभि की ज़िद के आगे हम हार गए। अगर वह खुश है, तो हम भी खुश हैं।” हालांकि, यह अनूठी पसंद सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं लाती है। कुछ इसे अजीब मानते हैं, तो कुछ सुरभि की अनूठी सोच और स्वाद की सराहना करते हैं।
पोषण विशेषज्ञों की राय
पोषण विशेषज्ञ भी मानते हैं कि मछली की हड्डियों में कैल्शियम, फॉस्फोरस और अन्य खनिज होते हैं जो हड्डियों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि, वे सलाह देते हैं कि इन्हें स्वस्थ तरीके से और ठीक से पकाकर खाना महत्वपूर्ण है, अन्यथा यह स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सुरभि कुमारी की कहानी हमें सिखाती है कि हर किसी की अपनी पसंद और स्वाद होता है, और कभी-कभी ये पसंद बहुत अनोखी हो सकती हैं।