दिवंगत कैप्टन सुमित सबरवाल के पिता ने दायर की याचिका! ‘जांच में केवल पायलटों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जो गलत है’
अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे की न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार (Central Government) और डीजीसीए (DGCA) को नोटिस जारी किया है। एयर इंडिया फ्लाइट 171 की इस दुखद दुर्घटना में लगभग 260 लोगों की जान चली गई थी।
मामले की पृष्ठभूमि:
करीब पांच महीने पहले हुई इस दुर्घटना का असली कारण अभी तक सार्वजनिक नहीं हो पाया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पायलटों की गलती की ओर इशारा किया गया है।
- याचिकाकर्ता: दिवंगत कैप्टन सुमित सबरवाल के 88 वर्षीय पिता पुष्करराज सबरवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका आरोप है कि दुर्घटना के लिए उनके बेटे को अनावश्यक रूप से दोषी ठहराया जा रहा है।
- याचिका: 10 अक्टूबर को दायर इस 267 पन्नों की रिट याचिका में सरकार, डीजीसीए और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के महानिदेशक को पक्षकार बनाया गया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (Federation of Indian Pilots) भी इस मामले में दूसरे याचिकाकर्ता हैं।
न्यायिक जांच की मांग:
पुष्करराज सबरवाल ने अदालत से अनुरोध किया है कि वर्तमान जांच में अन्य संभावित तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों पर ठीक से ध्यान नहीं दिया गया है। उनका तर्क है:
“इस तरह की एकतरफा जांच गलत सूचना की ओर ले जाती है। विशेष रूप से क्रू सदस्यों को दोषी ठहराने से दुर्घटना का मूल कारण पता नहीं चल पाता है, जिससे भविष्य की उड़ान सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
सुप्रीम कोर्ट का रुख:
जस्टिस सूर्यकांत (Surya Kant) ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने दिवंगत कैप्टन के पिता को सांत्वना देते हुए कहा, “आपके बेटे पर दोष मढ़ने का बोझ आपको नहीं उठाना चाहिए। कोई भी आकर उन्हें किसी भी चीज के लिए दोषी नहीं ठहरा सकता।” अदालत ने केंद्र और डीजीसीए को नोटिस जारी किया है और घोषणा की है कि इस और इसी तरह की अन्य याचिकाओं पर अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी।