‘हम BJP को वोट देते हैं, इसलिए 3 महीने से फंड बंद!’ बंगाल में क्यों नहीं मिल रहा महिलाओं को ‘लक्ष्मी भंडार’ का पैसा?
पश्चिम बंगाल की लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का पैसा रोके जाने के आरोप को लेकर पूर्वी मेदिनीपुर के मयना में तनाव बढ़ गया है। भाजपा के कब्जे वाली दो ग्राम पंचायतों (बाकचा और गोजिना) के लाभार्थियों के भुगतान रोके जाने का आरोप लगाते हुए, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मयना बीडीओ कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।
भाजपा जिला परिषद सदस्य उत्तम सिंह ने आरोप लगाया कि तृणमूल द्वारा संचालित पंचायत समिति ने जानबूझकर यह कदम उठाया है, क्योंकि ये दोनों ग्राम पंचायतें भाजपा के नियंत्रण में हैं। उत्तम सिंह ने आरोप लगाया, “सिर्फ ये दो ग्राम पंचायतें ही नहीं, बल्कि 9 अन्य ग्राम पंचायतों को मिलाकर लगभग 3,000 लाभार्थियों का लक्ष्मी भंडार फंड पिछले कई महीनों से रुका हुआ है। लक्ष्मी भंडार टीएमसी का पार्टी फंड नहीं है; यह सरकार का पैसा है। हमारे-आपके टैक्स का पैसा है। टीएमसी पंचायत समिति ने राजनीतिक बदले के लिए ऐसा किया है।” उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी नए बीडीओ को दी गई है।
लाभार्थियों का गुस्सा: जिन महिलाओं के खातों में पैसे नहीं आए, उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया। ममता करण मंडल ने कहा, “मेरा लक्ष्मी भंडार चार महीने से बंद है। मैंने अपना अकाउंट चेक करवाया है।” एक अन्य लाभार्थी सोनाली बिष्णु ने सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए कहा, “हम बीजेपी को समर्थन करते हैं, इसलिए शायद तीन महीने से पैसा नहीं आया है।”
टीएमसी का खंडन और आश्वासन: इन आरोपों के जवाब में, मयना पंचायत समिति के टीएमसी अध्यक्ष शाहजहां अली ने स्वीकार किया कि कुछ लाभार्थियों का भुगतान रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि बाकचा और गोजिना समेत अन्य ग्राम पंचायतों के कुछ लाभार्थियों का लक्ष्मी भंडार पिछले तीन महीने से बंद है। हालांकि, उन्होंने इस समस्या के पीछे राजनीतिक साजिश से इनकार किया और कहा, “मयना के बीडीओ के माध्यम से जिलाधिकारी कार्यालय को एक पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि समस्या का समाधान एक सप्ताह के भीतर हो जाएगा।”