सॉल्टलेक के बिजनेसमैन जगजीत सिंह समेत 3 कारोबारियों के घर पर ED का एक्शन, पूर्व TMC अल्पसंख्यक सेल सचिव का नाम आया सामने
बार की आड़ में मानव तस्करी और बड़े पैमाने पर पैसे की हेराफेरी के गंभीर आरोपों की जांच करते हुए, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को कोलकाता में एक साथ 7 स्थानों पर मैराथन छापेमारी की। सॉल्टलेक के व्यवसायी जगजीत सिंह सहित तीन कारोबारियों—अजमल सिद्दीकी और बिष्णु मुंद्रा—के आवासों और कई अन्य ठिकानों पर दिन भर तलाशी चली। केंद्रीय एजेंसी ने इन व्यापारियों के करीबी, पेशे से सिविल इंजीनियर गौतम सरकार के नागेरबाजार स्थित फ्लैट पर भी छापा मारा।
ईडी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई 2015 में बिधाननगर के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज एक पुरानी FIR के आधार पर की गई है। आरोप है कि ये व्यवसायी कोलकाता भर में अपने कई बार की आड़ में मानव तस्करी और वित्तीय अनियमितताओं में शामिल थे।
छापेमारी के कारण और आरोपी:
- मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग: ईडी का प्रारंभिक अनुमान है कि बार के व्यवसाय की आड़ में महिलाओं की तस्करी करके भारी मात्रा में धन की हेराफेरी की गई।
- 3 कारोबारी: तलाशी जगजीत सिंह, अजमल सिद्दीकी और बिष्णु मुंद्रा के घरों पर की गई।
- राजनीतिक कनेक्शन: ईडी सूत्रों के अनुसार, आरोपी व्यवसायी अजमल सिद्दीकी एक समय टीएमसी के अल्पसंख्यक सेल के सचिव थे।
- इंजीनियर का फ्लैट: कारोबारियों के करीबी माने जाने वाले सिविल इंजीनियर गौतम सरकार के नागेरबाजार स्थित फ्लैट पर भी तलाशी ली गई।
केंद्रीय जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि इस घोटाले के माध्यम से हेराफेरी की गई बड़ी रकम किस रास्ते से पहुंची और इस अवैध कारोबार में ‘प्रोटेक्शन मनी’ किसने प्राप्त की। जानकारी मिली है कि कोलकाता के अलावा इस मामले में सिलीगुड़ी में भी तलाशी ली गई है।