टेक जगत में भूचाल! अमेज़न और मेटा के बाद अब IBM ने की 2700 कर्मचारियों की छंटनी, क्या AI बन रहा है नौकरियों का दुश्मन?
तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों में छंटनी (Layoffs) का दौर जारी है। अमेज़न और मेटा के बाद, अब आईबीएम (IBM) ने भी अपने लगभग 2700 कर्मचारियों को बाहर निकालने का फैसला किया है। कंपनी ने इसे अपने व्यापार के ‘रि-स्ट्रक्चरिंग’ (पुनर्गठन) का हिस्सा बताया है।
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, यह छंटनी मुख्य रूप से अमेरिका में कार्यरत कर्मचारियों को प्रभावित करेगी। आईबीएम की वैश्विक कार्यबल में इन कर्मचारियों की संख्या केवल 1% है। कंपनी ने छंटनी की पुष्टि करते हुए कहा है कि इससे व्यापारिक संचालन (Business Operations) पर बहुत कम असर पड़ेगा। आईबीएम के पास दुनिया भर में लगभग 2,70,000 कर्मचारी हैं।
छंटनी का कारण: AI और ऑटोमेशन की ओर रुझान
आईबीएम ने 2025 तक इस छंटनी प्रक्रिया को पूरा करने की योजना बनाई है। विश्लेषकों का मानना है कि आईबीएम का यह कदम बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के बढ़ते चलन को दर्शाता है—यानी परिचालन लागत (Operating Cost) को कम करना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व ऑटोमेशन पर अधिक ध्यान केंद्रित करना।
यह ध्यान देने योग्य है कि हाल ही में आईबीएम ने सॉफ्टवेयर राजस्व में 10% की वृद्धि दर्ज की थी। इसके बावजूद, कंपनी ने पुनर्गठन का निर्णय लिया है। प्रबंधन का उद्देश्य कर्मचारियों की संख्या कम होने के बावजूद उत्पादकता (Productivity) को बनाए रखना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की नई मांग के अनुकूल होने और नई तकनीक को तेजी से अपनाने के लिए आईबीएम ने यह कदम उठाया है।
गौरतलब है कि पिछले अक्टूबर में, अमेज़न ने लगभग 14,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी, जबकि मेटा ने अपने एआई (AI) विभाग से 600 कर्मचारियों को बाहर निकाला था। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव संसाधन पर निर्भरता कम करके ऑटोमेशन और एआई पर ध्यान केंद्रित करने के कारण ही टेक कंपनियों में बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है।