पुलिस पर लगा हत्या का आरोप! गैंगेस्टर अमन साव की मौत मामले में हाईकोर्ट का कड़ा रुख, राज्य सरकार से मांगा जवाब
झारखंड उच्च न्यायालय ने गैंगेस्टर अमन साव की मौत के मामले में बुधवार को राज्य सरकार को तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया है। साव की कथित मौत इस साल की शुरुआत में एक पुलिस मुठभेड़ में हुई थी।
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की पीठ ने यह निर्देश साव की मां किरण देवी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। किरण देवी का आरोप है कि उन्होंने ऑनलाइन पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके आधार पर कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई।
किरण देवी ने अपने बेटे की मौत के संबंध में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। किरण देवी ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि उनके बेटे को छत्तीसगढ़ के रायपुर से रांची लाते समय 11 मार्च को पलामू में पुलिस ने मार डाला। मां का दावा है कि उन्हें पहले से ही यह आशंका थी कि पुलिस इसे मुठभेड़ बताकर उनके बेटे की हत्या कर देगी। इस मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को तय की गई है।