सोना ५८% रिटर्न देकर बना ‘किंग’, सेंसेक्स सिर्फ ८%! क्या आपकी निवेश रणनीति गलत है?

विदेशी बाजारों में सोना वर्तमान में $4,123 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि भारतीय बाजार में इसकी कीमत ₹126,090 प्रति १० ग्राम है। साल की शुरुआत में, यही सोना अमेरिकी डॉलर में लगभग $2,600 और भारतीय बाजार में ₹80,000 से कम था। २०२५ में सोने के इस अविश्वसनीय प्रदर्शन ने निवेशकों के बीच बहस छेड़ दी है: क्या सोना स्टॉक की तुलना में बेहतर निवेश विकल्प है?

२०२५: स्टॉक मार्केट पर सोने का दबदबा

चालू वर्ष (YTD) में सोने ने शेयर बाजार को पूरी तरह से पछाड़ दिया है। जहाँ इस साल अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः ८% और ९.५% की वृद्धि हुई है, वहीं सोने ने आश्चर्यजनक ५८% का रिटर्न दिया है। सोने का यह प्रदर्शन अचानक नहीं है; इसने २०२४ में २७% और २०२३ में १३% का रिटर्न दिया था। मौजूदा आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक जोखिमों को सोने के इस मजबूत प्रदर्शन का मुख्य कारण माना जा रहा है।

अल्पावधि और मध्यावधि में सोना बनाम स्टॉक: सोने का एकतरफा राज

१, ३ और ५ साल के रिटर्न की तुलना स्पष्ट रूप से सोने के प्रभुत्व को दर्शाती है।

  • १ साल में: सोने ने ६१% का रिटर्न दिया, जबकि सेंसेक्स सिर्फ ९% बढ़ा।
  • ३ साल में: सोने ने ३२% रिटर्न दिया, जबकि सेंसेक्स का रिटर्न ११% रहा।
  • ५ साल में: सोने ने १६% रिटर्न दिया, जबकि सेंसेक्स ने १४% रिटर्न दिया।

इन आंकड़ों से साबित होता है कि अल्पावधि से मध्यावधि में सोने ने लगातार इक्विटी बाजार को पीछे छोड़ दिया है।

दीर्घावधि में कौन बेहतर: एक मामूली अंतर

भले ही अल्पावधि में सोना विजयी रहा हो, लेकिन दीर्घावधि के चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) का लेखा-जोखा एक अलग कहानी बताता है:

  • २५ साल में: सेंसेक्स १३% बढ़ा है, जबकि सोने की वृद्धि दर ११.५% रही है।
  • २० साल में: सेंसेक्स ने १२% रिटर्न दिया है, जबकि सोना ११% पर रहा है।
  • १० साल में: सोना और सेंसेक्स दोनों का रिटर्न समान १२.७% रहा है।

यह स्पष्ट करता है कि १०, १५, २० और २५ वर्षों की अवधि में इक्विटी और सोने दोनों का रिटर्न अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और लगभग समान रहा है। हालाँकि, एक ऐतिहासिक चेतावनी भी है: १९८० में $६०० पर पहुँचने के बाद, सोने ने २५ साल से अधिक समय तक नकारात्मक रिटर्न दिया था।

आपके लिए सर्वश्रेष्ठ निवेश रणनीति

इतिहास बताता है कि अनिश्चित समय में सोना एक सुरक्षित-ठिकाना (Safe-Haven) संपत्ति के रूप में अच्छा प्रदर्शन करता है। चूंकि दीर्घावधि में सोना और इक्विटी का रिटर्न लगभग तुलनीय है, इसलिए अधिकांश वित्तीय नियोजकों की सलाह है कि खुदरा निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का १०% से १५% सोने में निवेश करना चाहिए। वास्तविक भौतिक सोना खरीदने की तुलना में गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश करना अब एक कम खर्चीला और बेहतर विकल्प माना जाता है।

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