विवाह वर्षगांठ के दिन हसीना को मौत की सजा! बांग्लादेश की राजनीति में ‘साजिश’ का आरोप

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए 17 नवंबर का दिन गहरे मायने रखता है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने इसी दिन उनके खिलाफ मौत की सजा का ऐलान किया है। यह तारीख व्यक्तिगत रूप से उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज से ठीक 58 साल पहले 17 नवंबर 1967 को उनका विवाह प्रसिद्ध बंगाली भौतिक विज्ञानी डॉ. एम ए वाजेद मियां से हुआ था। इसी दिन अदालत का फैसला आने से सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है, जिसने एक नए विवाद को जन्म दिया है।
फैसला सुनाने की प्रारंभिक तारीख 14 नवंबर थी, जिसे बाद में बदलकर 17 नवंबर कर दिया गया। अंतरिम सरकार के इस फैसले को लेकर नेटिज़न्स के एक वर्ग ने जानबूझकर यह विशेष दिन चुनने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, कुछ लोगों ने इसे महज एक संयोग बताया है। मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में शेख हसीना के साथ-साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान को भी न्यायाधिकरण ने मौत की सजा सुनाई है। वर्तमान में शेख हसीना भारत में हैं, इसलिए उनके बेटे सजीव वाजेद जॉय ने इस फैसले को लागू करने की अनिश्चितता जताई है।