लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई होंगे आमने-सामने, NIA की पूछताछ से खुलेंगे सलमान खान केस समेत कई बड़े राज
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई का अमेरिका से भारत प्रत्यर्पण जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ा मोड़ साबित होने जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां एक ऐसी रणनीति पर काम कर रही हैं जो जल्द ही लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई को आमने-सामने की पूछताछ के लिए ला सकती है।
पुलिस और कानून विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई में सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी, सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड जैसे सनसनीखेज मामलों के अनसुलझे रहस्य अब सुलझ सकते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह आमना-सामना? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ‘फेस-टू-फेस’ पूछताछ किसी मामले में दो आरोपियों से एक साथ पूछताछ करने की प्रक्रिया है। चूंकि लॉरेंस और अनमोल भाई हैं, और इन सभी घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर उन्होंने बदला लेने की घोषणा की थी, यह एक गहरे षड्यंत्र का संकेत देता है। जांच एजेंसियों के लिए यह टकराव उनके अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग और हथियारों की आपूर्ति के नेटवर्क को समझने में निर्णायक साबित होगा।
किन मामलों की खुलेगी गुत्थी?
- सलमान खान के घर गोलीबारी मामला: इस घटना की जिम्मेदारी अनमोल बिश्नोई ने ली थी। अनमोल की पूछताछ से पता चलेगा कि हमले की योजना कहाँ बनी, हमले के लिए कितने धन का इस्तेमाल किया गया और शूटरों को निर्देश किसने दिया।
- मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: सिद्धू मूसेवाला की हत्या के तुरंत बाद अनमोल देश छोड़कर भाग गया था। पूछताछ में इस षड्यंत्र का अंतिम सूत्र और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में बिश्नोई गिरोह की भूमिका भी सामने आ सकती है।
एनआईए वर्तमान में अनमोल को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां अंतर्राष्ट्रीय ईमेल, सोशल मीडिया चैट और पैसे के लेनदेन से संबंधित सबूत पेश कर सकती हैं। यह टकराव बिश्नोई गिरोह की कमर तोड़ सकता है और भारत में संगठित अपराध नेटवर्क को समझने के लिए एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र की पुलिस भी अपने-अपने राज्यों में दर्ज अपराधों को सुलझाने के लिए अनमोल बिश्नोई को रिमांड पर लेने की तैयारी में हैं।