विश्व मंच पर भारतीय हथियारों का जलवा! बेंगलुरु की SSS डिफेंस ने पेरिस के मिलिपोल एक्सपो में प्रदर्शित किए स्वदेशी स्नाइपर राइफल

बेंगलुरु/पेरिस: बेंगलुरु स्थित रक्षा कंपनी एसएसएस डिफेंस (SSS Defence) ने अपने स्वदेशी रूप से निर्मित स्नाइपर राइफल, असॉल्ट राइफल और अन्य हथियारों के साथ दुनिया के सबसे बड़े होमलैंड सिक्योरिटी एक्सपो, मिलिपोल पेरिस 2025 (Milipol Paris 2025) में भाग लेकर इतिहास रच दिया है। कंपनी का लक्ष्य भारत की रक्षा क्षमताओं को आत्मनिर्भर बनाना और विदेशी बाजारों में निर्यात बढ़ाना है।

मिलिपोल पेरिस में प्रदर्शन:

फ्रांस की राजधानी पेरिस में 18 से 25 नवंबर तक यह मेगा इवेंट आयोजित किया जा रहा है। एस एस एस डिफेंस ने इसे भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए एक बड़ी जीत बताया है।

  • एसएसएस डिफेंस के सीईओ विवेक कृष्णन ने कहा कि वे गर्व के साथ भारत में बने पूरी तरह से स्वदेशी हथियार दुनिया के सामने ला रहे हैं।
  • कंपनी के सीटीओ दिनेश शिवन्ना ने बताया कि उनका लक्ष्य था कि पूरा हथियार भारत में ही बनाया जाए ताकि युद्ध जैसी स्थिति में आपूर्ति श्रृंखला में कोई समस्या न हो।

एसएसएस डिफेंस क्या है?

एसएसएस डिफेंस की स्थापना 2017 में हुई थी। इसका उद्देश्य भारत के सैन्य और सुरक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए आधुनिक हथियारों का लगातार उत्पादन करना है। कंपनी स्नाइपर राइफल, असॉल्ट राइफल, पिस्तौल और सब-मशीन गन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार बनाती है। 2024 में खुली इसकी गोला-बारूद उत्पादन फैक्ट्री का भी विस्तार किया जा रहा है।

विश्व स्तरीय स्नाइपर राइफल:

एसएसएस डिफेंस की स्नाइपर राइफलें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी रुचि पैदा कर रही हैं। ये राइफलें दो कैलिबर में उपलब्ध हैं:

  • $7.62 \times 51 \text{ मिमी नाटो}$
  • $.338 \text{ लापुआ मैग्नम}$ (जो एक शीर्ष-स्तरीय स्नाइपर कैलिबर है)

विशेष रूप से, $.338 \text{ लापुआ वेरिएंट}$ लगभग 1.5 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगाने की क्षमता प्रदान करते हैं।

निर्यात के लिए बड़ा कदम:

फ्रांसीसी गृह मंत्रालय के संरक्षण में आयोजित मिलिपोल पेरिस को दुनिया के सबसे बड़े होमलैंड सिक्योरिटी और सेफ्टी एक्सपो में से एक माना जाता है। 2025 के संस्करण में लगभग 30,000 आगंतुकों और 1,100 प्रदर्शकों के आने की उम्मीद है। इस मंच पर एसएसएस डिफेंस की उपस्थिति को भारतीय रक्षा निर्यात के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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