उत्तराखंड में भालू के हमलों में वृद्धि, 6 सालों में 36 मौतें, पर्यावरणविदों ने जलवायु परिवर्तन को बताया जिम्मेदार
उत्तराखंड राज्य में भालू के हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों के बीच चिंता पैदा हो गई है। पिछले छह सालों में, राज्य में भालू के हमलों में 36 लोगों की मौत हुई है और 318 लोग घायल हुए हैं। इन हमलों में दिनों-दिन वृद्धि हो रही है, लेकिन कमी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
पर्यावरणविदों की राय:
पर्यावरणविदों के अनुसार, इन असामान्य हमलों का मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन है।
- आमतौर पर, सर्दियों में हिमालय में रहने वाले भालुओं को हाइबरनेशन (नींद) में जाने की आवश्यकता होती है।
- हालांकि, वर्तमान में पर्यावरण में बड़े बदलाव आने और बर्फ पिघलने के कारण हिमालय के भालू ठीक से सो नहीं पा रहे हैं।
- परिणामस्वरूप, वे आक्रामक होते जा रहे हैं और भोजन की तलाश में मानव बस्तियों के करीब आ रहे हैं।
गंभीर हमला:
हाल ही में, उत्तराखंड में एक हिमालयी भालू ने एक महिला पर हमला कर दिया। इस भयानक हमले में महिला का चेहरा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त (क्षत-विक्षत) हो गया। हालांकि, वह किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहीं। सोशल मीडिया पर हमले की तस्वीर सामने आते ही सनसनी फैल गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण में यह तेज बदलाव वन्यजीवों के सामान्य व्यवहार को प्रभावित कर रहा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है।