सीमेंट ट्रांसपोर्ट में भारतीय रेलवे का ‘गेम चेंजर’ मूव! अब कारोबारियों को क्या फायदा होगा?

भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई से राजस्व बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत बल्क सीमेंट के परिवहन को तेज, सस्ता और आसान बनाने के लिए एक नई नीति घोषित की गई है। इस “विशेष लॉजिस्टिक समाधान” के तहत, अब प्रति टन सीमेंट के लिए प्रति किलोमीटर 90 पैसे का निश्चित किराया लगेगा। इससे दूरी-आधारित अलग-अलग दरों की पुरानी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह नीति पूरी तरह से स्थिति बदल देगी, और सीमेंट पहला उत्पाद है जिसके लिए ऐसा कदम उठाया गया है।
नई योजना के तहत, रेलवे देश भर में पीपीपी (PPP) मॉडल पर बल्क सीमेंट टर्मिनल बनाएगा, जिससे सीमेंट को सीधे कारखाने से निर्माण स्थल तक पहुंचाना संभव होगा। सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि जहां 300 किलोमीटर के भीतर उच्च किराए के कारण ट्रकों का इस्तेमाल करना पड़ता था, अब एक पर्यावरण के अनुकूल और सस्ता विकल्प मिल गया है। वर्तमान में, केवल 17 प्रतिशत सीमेंट का परिवहन रेलवे द्वारा किया जाता है, जिसे 2030 तक 30 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है।