नर्वस ब्रेकडाउन से कैसे बचें? आज ही सीखें मानसिक स्वास्थ्य को संभालने के टिप्स

आज की तेज़-रफ़्तार ज़िंदगी में तनाव, चिंता और अवसाद एक आम समस्या बन गई है, जो गंभीर होने पर ‘नर्वस ब्रेकडाउन’ के रूप में एक बड़े मानसिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। ऑक्सफोर्ड के शोध के अनुसार, यह एक ऐसी स्थिति है जब व्यक्ति के लिए अपने रोज़मर्रा के कामों को प्रभावी ढंग से संभालना मुश्किल हो जाता है। इसके मुख्य लक्षणों में अत्यधिक शारीरिक और मानसिक थकान, तीव्र चिंता, निराशा, उदासी और सामाजिक अलगाव शामिल हैं। हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग के मुताबिक, अवसाद, ट्रामा या तलाक और वित्तीय संकट जैसी बड़ी जीवन की घटनाएँ इस स्थिति को जन्म दे सकती हैं।
इस संकट से बचने के लिए शारीरिक समस्याओं की तरह ही मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों से जूझ रहे व्यक्तियों को अक्सर समय से पहले मृत्यु का सामना करना पड़ता है। नर्वस ब्रेकडाउन के लक्षण दिखने पर बिना देर किए विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है। मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक थेरेपी, काउंसलिंग और ज़रूरत पड़ने पर दवा के माध्यम से इस तनाव और मानसिक चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकते हैं। जीवनशैली में बदलाव भी इस स्थिति को रोकने में प्रभावी हो सकता है।