नेपाल को रौंदकर रचा इतिहास! दृष्टिहीन महिलाओं का पहला T-20 विश्व कप भारत के नाम, दीपिका का ‘विराट’ जश्न!
कोलंबो (श्रीलंका): तीन सप्ताह पहले नवी मुंबई में हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा ने जो इतिहास बनाया, अब देश की बेटियों ने श्रीलंका की धरती पर उसे दोहरा दिया है। रविवार को कोलंबो के पी सारा ओवल में नेपाल को 7 विकेट से हराकर दीपिका टीसी एंड कंपनी ने दृष्टिहीन महिलाओं का पहला T-20 विश्व कप खिताब जीत लिया। यह खास है क्योंकि भारत ने टूर्नामेंट के पहले संस्करण में ही अजेय रहते हुए यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
फाइनल में, नेपाल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट पर 114 रन बनाए। जवाब में, भारतीय टीम ने मात्र 12 ओवरों में 3 विकेट खोकर ही जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया। जीत में सबसे बड़ा योगदान फुला सारें का रहा, जिन्होंने 27 गेंदों में नाबाद 44 रन की तूफानी पारी खेली।
टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, पाकिस्तान और अमेरिका जैसी मजबूत टीमों को आसानी से हराया। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से मात दी, जबकि राउंड रॉबिन चरण में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 8 विकेट से हराया था।
‘विराट’ स्टाइल में ट्रॉफी सेलिब्रेशन, कप्तान हुईं भावुक
मेगा फाइनल जीतने के बाद, भारतीय कप्तान दीपिका ने जश्न का एक अनोखा तरीका अपनाया। पिछले साल बारबाडोस में पुरुष टी-20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय कप्तान जिस तरह से ट्रॉफी लेने के लिए पोडियम पर आगे बढ़े थे, ठीक उसी अंदाज़ में दीपिका ने ट्रॉफी ली और अपनी टीम के साथियों को सौंप दी, जिससे एक यादगार पल बन गया।
खिताब जीतने के बाद, कप्तान दीपिका टीसी अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाईं। उन्होंने एएनआई को दिए बयान में कहा, “यह जीत हमारे लिए बहुत मायने रखती है। हमें इस जीत पर बहुत गर्व है। यह पूरी टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है।”
इतना ही नहीं, विश्व विजेता कप्तान ने आगे कहा, “हमारी टीम इतनी मजबूत है कि बाकी टीमें हमसे डरती हैं। हम लड़कों के खिलाफ भी खेलने के लिए किसी भी समय तैयार हैं।” अपनी टीम के प्रदर्शन और विश्व कप जीतने की भावना व्यक्त करते हुए वह भावुक हो गईं और उनकी आँखों में आँसू आ गए। निसंदेह, दृष्टिहीन क्रिकेट में यह ऐतिहासिक जीत भारतीय क्रिकेट के लिए उत्कृष्टता का एक नया प्रमाण है।