अफगानिस्तान ने भारत को दिया बम्पर व्यापार ऑफर, पाकिस्तान की राजनीति को दरकिनार करने का किया ऐलान

डॉनल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने के बाद से भारत नए बाजारों की तलाश में है। इसी बीच, पाकिस्तान के धुर विरोधी अफगानिस्तान ने भारत को एक ‘बम्पर ऑफर’ दिया है। अफगानिस्तान के कार्यवाहक उद्योग और वाणिज्य मंत्री, अल्हाज नूरुद्दीन अजीजी ने सोमवार को दिल्ली में कहा कि काबुल नई दिल्ली के लिए अपने आर्थिक दरवाजे पूरी तरह खोल चुका है।

अजीजी ने भारतीय व्यापारियों को अफगानिस्तान में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, “हम उन्हें सभी प्रकार की सहायता प्रदान करेंगे और सभी बाधाओं को दूर करेंगे। इसके अलावा, हम भारतीय उत्पादों पर न्यूनतम शुल्क लगाएंगे।” उन्होंने यह भी खुलासा किया कि शून्य टैरिफ (Zero Tariff) लगाने पर भी बातचीत चल रही है। अजीजी ने स्पष्ट किया कि “हम भारत के लिए नए आर्थिक रास्ते खोलने को तैयार हैं।” उनका यह बयान स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि दोनों देश अब एक साथ भविष्य की योजना बनाने के लिए तैयार हैं।

वीज़ा समस्या हल, बैंकिंग प्रणाली होगी बहाल

व्यापारियों से बातचीत के बाद अजीजी ने बताया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सबसे बड़ी बाधा, यानी वीज़ा समस्या, अब सुलझ गई है। निजी क्षेत्र के लिए अब व्यापार वीज़ा उपलब्ध है, और हजारों अफगान मरीजों, व्यापारियों और छात्रों को राहत देते हुए मेडिकल वीज़ा भी बहाल करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, व्यापार को औपचारिक रूप देने के लिए दोनों देशों के बीच बंद पड़ी बैंकिंग प्रणाली को बहाल करने की दिशा में भी चर्चा शुरू हो गई है।

पाकिस्तान अब व्यापार में बाधा नहीं: अजीजी

अफगान मंत्री ने सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए साफ कर दिया कि पाकिस्तान अब व्यापार के रास्ते में बाधा नहीं बनेगा। अजीजी ने कहा, “पाकिस्तान के कारण भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार बंद नहीं होना चाहिए। रास्ता पाकिस्तान से होकर जाए या ईरान से, हम सबसे आसान और सर्वोत्तम विकल्प चुनेंगे।” यह बयान दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा संकेत है कि काबुल अपने व्यापारिक हितों को पाकिस्तान की राजनीतिक जटिलताओं से अलग कर रहा है।

निवेश के लिए खुला निमंत्रण

अजीजी ने भारतीय कंपनियों से खनन, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश करने का सीधा आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि लॉजिस्टिक्स की लागत कम करने, कंटेनर और ट्रांजिट शुल्क घटाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उनका यह कदम भारतीय दवाइयों, कृषि उत्पादों और इस्पात के लिए अफगानिस्तान के प्रमुख बाजार को और अधिक सुलभ बनाएगा। अजीजी ने दृढ़ता से कहा, “पाकिस्तान के साथ हमारे जो भी मतभेद हैं, वे भारत-अफगानिस्तान के व्यापार में बाधा नहीं बनेंगे।”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *