नदिया के BLO ने बनाया रिकॉर्ड, 17 दिनों में 100% वोटर फॉर्म डिजिटलीकरण, काम ही उनकी पहचान!

जब पूरे राज्य में मतदाता सूची संशोधन (SIR) को लेकर विवाद, विरोध और अस्थिरता चरम पर है, तब नदिया के रानाघाट उत्तर के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) वाहिद अकरम मंडल ने एक शांत लेकिन असाधारण मिसाल कायम की है। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर प्रशासनिक जिम्मेदारी निष्ठा से निभाई जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है।

17 दिनों में 100 प्रतिशत काम पूरा

वाहिद अकरम मंडल ने सिर्फ 17 दिनों के भीतर अपने सभी EF फॉर्म डिजिटलीकरण को पूरा करने का रिकॉर्ड बनाया है।

  • रिकॉर्ड: उन्होंने अपने बूथ के कुल 806 मतदाताओं के सभी डेटा का शत-प्रतिशत (100%) डिजिटलीकरण किया है।
  • प्रदर्शन: मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वाहिद ने पहले दो दिनों में ही लगभग 200 फॉर्मों का डिजिटलीकरण करके सबका ध्यान खींचा। उन्होंने समय, थकान या रात-दिन की बाधा को नजरअंदाज करते हुए व्यक्तिगत समय से ऊपर अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी।
  • सहकर्मियों की टिप्पणी: उनके करीबी बताते हैं, “वाहिद भाई दिन का काम पूरा किए बिना सो नहीं पाते। यही उनकी लगन है।” एक सहकर्मी ने कहा, “अगर सभी BLO उनकी तरह निष्ठा दिखाते, तो सिस्टम बदलने में समय नहीं लगता।”

आयोग की ओर से सम्मान और महत्व

चुनाव प्राधिकरण के अनुसार, “यह सिर्फ काम नहीं है, यह जिम्मेदारी के प्रति सम्मान है।” इस असाधारण सफलता के लिए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), पश्चिम बंगाल ने BLO वाहिद अकरम मंडल को आधिकारिक तौर पर सम्मानित किया है। प्रशासनिक दस्तावेजों और आधिकारिक रिपोर्टों में उनके काम की प्रशंसा की जा रही है।

राजनीतिक खींचतान के बीच, वाहिद जैसे कर्मचारी ही लोकतंत्र की नींव बनाते हैं और आम लोगों के बीच BLOs के काम के प्रति विश्वास बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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