बिहार के गृह मंत्री बने सम्राट चौधरी, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और अपराधी की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की घोषणा, राज्य में हड़कंप
बिहार के उप मुख्यमंत्री और नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालते ही राज्य की कानून व्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। ‘सुशासन’ और ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति स्थापित करने की घोषणा करके उन्होंने अपराधी जगत में दहशत फैला दी है। उनकी इस घोषणा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘योगी मॉडल’ की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
20 साल बाद नीतीश कुमार के नियंत्रण से गृह विभाग भाजपा के हाथ में आने के बाद, सम्राट चौधरी ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में चार बड़े ‘हथियारों’ के इस्तेमाल का वादा किया, जो बिहार को ‘अपराध मुक्त’ करेंगे:
- एंटी-रोमियो स्क्वॉड: उत्तर प्रदेश की तर्ज पर स्कूल-कॉलेजों के आस-पास लड़कियों से छेड़छाड़ (उत्पीड़न) को रोकने के लिए इस विशेष दल का गठन किया जाएगा। पुलिस की ‘पिंक मोबाइल टीम’ लड़कियों की सुरक्षा पर नज़र रखेगी। चौधरी ने चेतावनी दी, “पढ़ाई करने जा रही छात्राओं के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। पकड़े जाने पर इन लोगों को जेल का रास्ता लेना होगा।” इस स्क्वॉड में महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष भूमिका होगी और 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की जाएगी।
- बुलडोजर नीति: चौधरी ने कहा, “अपराधियों की संपत्तियों पर अदालत के आदेश से बुलडोजर चलाया जाएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि “माफियाओं और गुंडों की लूटी गई संपत्ति को निकालकर उन्हें ध्वस्त किया जाएगा।”
- सोशल मीडिया पर सख़्त कार्रवाई: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग के खिलाफ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- माफियाओं की संपत्ति ज़ब्त: संगठित अपराध से जुड़े माफियाओं की संपत्ति ज़ब्त करके उनकी आर्थिक संरचना को कमजोर किया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा, “बिहार में सुशासन स्थापित हो गया है, लेकिन अभी भी अपराध की छाया है। हम इसे जड़ से खत्म कर देंगे।” उनकी इस घोषणा के तुरंत बाद पटना और मुजफ्फरपुर में दो एनकाउंटर हुए हैं, जिससे राजनीतिक और आपराधिक गलियारों में तनाव बढ़ गया है। महिला संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन कई लोगों ने इसके कार्यान्वयन पर नज़र रखने की बात कही है।