कोहरे से जंग! लोकोमोटिव में ‘फॉग सेफ डिवाइस’ लगाकर ट्रेन संचालन सुरक्षित कर रहा नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (Northeast Frontier Railway – NF Railway) ने आने वाले कोहरे के मौसम में ट्रेन संचालन को सुरक्षित और समय पर सुनिश्चित करने के लिए कई नए तकनीकी और परिचालन उपाय किए हैं। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोहरे के कारण दृश्यता कम होने पर भी ट्रेन संचालन को सामान्य बनाए रखने के लिए यह पहल की गई है।
तकनीकी प्रगति:
- फॉग सेफ डिवाइस: लोकोमोटिव में ‘फॉग सेफ डिवाइस’ लगाए जा रहे हैं। ये उपकरण लोकोपायलट को कम दृश्यता की स्थिति में सिग्नल और मार्कर पहचानने में मदद करेंगे।
- स्वचालित सिग्नलिंग: कोहरे के दौरान विश्वसनीयता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्वचालित सिग्नलिंग सिस्टम को संशोधित मानकों के अनुसार उन्नत किया जा रहा है।
- दृश्यता बढ़ाना: बेहतर दृश्यता के लिए रेल की लाइनों को चूने से चिह्नित किया जा रहा है और सिग्नल साइटिंग बोर्ड, तथा लेवल क्रॉसिंग गेटों को चमकदार स्ट्रिप्स से फिर से रंगा जा रहा है।
- फ्लैशर टेल लैंप: पीछे के कोचों में एलईडी-आधारित फ्लैशर टेल लैंप लगाए जा रहे हैं, जो कोहरे में भी कोचों को अधिक दृश्यमान बनाएंगे।
परिचालन तैयारी और प्रशिक्षण:
कम दृश्यता के समय भीड़ को कम करने के लिए ट्रेन के संचालन को समायोजित किया जा रहा है। साथ ही, लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट और गार्ड के लिए जोनल ट्रेनिंग सेंटर में विशेष प्रशिक्षण और रिफ्रेशर कोर्स की व्यवस्था की जा रही है। प्रतिकूल मौसम में भी समयबद्धता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए क्रू चेंजिंग पॉइंट्स पर सख्त निगरानी की व्यवस्था की गई है।
सभी आवश्यक स्टेशनों पर विजिबिलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट (VTO) स्थापित या सत्यापित किए जा रहे हैं। यह स्टेशन मास्टरों को कोहरे की तीव्रता का मूल्यांकन करने और फॉग सिग्नलमैन तैनात करने या डेटोनेटर लगाने जैसे सुरक्षा उपाय तुरंत करने में सहायक होगा।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने यात्रियों को आश्वासन दिया है कि कोहरे के मौसम में सुरक्षित और विश्वसनीय यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्यात्मक, तकनीकी और सुरक्षा उपाय किए गए हैं।