यूनुस प्रशासन के निशाने पर बाउल कलाकार! विद्वेषपूर्ण टिप्पणी के बहाने गिरफ्तारी, रैली पर कट्टरपंथियों के हमले का आरोप
पिछले साल जुलाई से ही बांग्लादेश में तनाव बना हुआ है। पिछले साल अगस्त के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ था। लेकिन इस अंतरिम सरकार के गठन के बाद से ही देश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों पर हमले के आरोप लग रहे हैं। अब यूनुस प्रशासन के निशाने पर बाउल कलाकार आ गए हैं।
विद्वेषपूर्ण टिप्पणी के बहाने गिरफ्तारी:
पद्मा नदी के पार स्थित इस देश की पुलिस ने हाल ही में एक बाउल कलाकार को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने ‘विद्वेषपूर्ण टिप्पणी’ की है। हालांकि, आलोचकों का दावा है कि धार्मिक और सांस्कृतिक बहुलवाद के प्रतीक बाउल कलाकारों पर यह हमला वास्तव में देश में बढ़ती कट्टरपंथी मानसिकता का प्रतिबिंब है।
रैली पर हमले का आरोप:
बाउल कलाकार की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थन में एक रैली आयोजित की गई थी। आरोप है कि उस रैली पर भी कट्टरपंथियों ने हमला किया है। इस घटना को लेकर बांग्लादेश में नए सिरे से तनाव फैल गया है।
बढ़ रही धार्मिक असहिष्णुता:
पर्यवेक्षकों के अनुसार, शेख हसीना सरकार के जाने के बाद अंतरिम प्रशासन के तहत अल्पसंख्यक और उदारवादी सांस्कृतिक समूहों पर धार्मिक असहिष्णुता और हमले बढ़ रहे हैं। अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के घरों, मंदिरों और व्यवसायों पर हमलों के बाद अब बाउल कलाकारों की गिरफ्तारी की घटना ने देश में नई चिंता और तनाव पैदा कर दिया है।