धान ख़रीदी घोटाला: पोर्टेरेज चार्ज पर सीएम को लिखी चिट्ठी, महन्त का बड़ा आरोप- ‘किसानों से 220 करोड़ की अवैध वसूली’, दी विरोध की चेतावनी
छत्तीसगढ़ में धान ख़रीदी के मौसम के बीच विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महन्त ने पोर्टेरेज चार्ज (Portage Charge) के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि धान ख़रीदी केंद्रों पर किसानों से प्रति क्विंटल ₹7.50 का अवैध पोर्टेरेज चार्ज वसूला जा रहा है।
2 साल में 220 करोड़ की अवैध उगाही का दावा! चरणदास महन्त ने दावा किया है कि पिछले दो वर्षों (2023-24 से 2024-25) में ₹220.68 करोड़ से ज़्यादा की राशि अवैध रूप से वसूली गई है। उन्होंने इसे एक “विशाल और गंभीर भ्रष्टाचार” बताया है। चरणदास महन्त ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर तुरंत पोर्टेरेज की वसूली बंद नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।
महन्त ने चिट्ठी में क्या लिखा? नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महन्त ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पोर्टेरेज चार्ज के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि समर्थन मूल्य पर चल रही धान ख़रीदी के दौरान, किसानों से बैगिंग (बोरा भरने) के लिए प्रति क्विंटल ₹7.50 की जबरन वसूली की जा रही है। महन्त ने कहा कि ख़रीदी केंद्रों पर किसानों को स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि या तो वे समिति के बोरे में धान भरें, या पोर्टरों को अलग से नक़द भुगतान करें, अन्यथा उनका धान नहीं ख़रीदा जाएगा।
महन्त ने आरोप लगाया है कि 2023-24 में सरकार बदलने के बाद से यह अवैध वसूली शुरू हुई थी और आज भी जारी है। उन्होंने कहा कि किसानों पर इस तरह का वित्तीय बोझ डालना न केवल अवैध है, बल्कि किसान-हितैषी नीतियों के भी ख़िलाफ़ है।
जब केंद्र सरकार देती है पैसा, तो किसानों से क्यों वसूली? महन्त ने पत्र में स्पष्ट किया है कि भारत सरकार पहले ही राज्य को बैगिंग, तौल, सिलाई, प्रिंटिंग, लोडिंग और स्टैकिंग जैसी सभी सेवाओं के लिए प्रति क्विंटल ₹22.05 का भुगतान करती है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के 9 अक्टूबर, 2025 के सर्कुलर में भी इसका ज़िक्र है। इसलिए, किसानों से अतिरिक्त पैसा वसूलना पूरी तरह से अवैध है।
महन्त ने राज्य भर से मिली रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि ख़रीदी केंद्रों पर किसानों को धमकी दी जा रही है कि अगर वे भुगतान नहीं करेंगे, तो उनका धान नहीं लिया जाएगा। इससे किसानों में भारी आक्रोश है।
चरणदास महन्त ने कहा, “चल रहे धान ख़रीदी सीज़न में किसानों से अवैध वसूली को रोकने के लिए तुरंत निर्देश जारी किए जाने चाहिए। हम सरकार को चेतावनी देते हैं कि अगर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी और जनता के बीच इस भ्रष्टाचार के आरोपों को उठाएगी।”